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खेतों की पगडंडियों के काम 15 जून तक पूर्ण करें : भूमरे

डिजिटल डेस्क,अमरावती। खेती का उत्पाद बाजार में पहुंचाने के लिए तथा यंत्रों को खेत तक ले जाने के लिए खेतों को बारह महीने खेत रास्ते की आवश्यकता है। इसके लिए मातोश्री पांधन रास्ते के काम को गति देकर मंजूर पांधन रास्ते 15 जून तक पूर्ण करने का आदेश रोजगार हमी योजना तथा फलोत्पादन मंत्री संदिपान भूमरे ने समीक्षा बैठक में दिए। नियोजन भवन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजना अंतर्गत विविध कार्य तथा मातोश्री पांधन मार्ग योजना के क्रियान्वयन के संबंध में अमरावती विभाग की समीक्षा बैठक रोजगार हमी योजना मंत्री भूमरे की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर रोहयो विभाग के अपर मुख्य सचिव नंद कुमार, विभागीय आयुक्त पीयूष सिंह, नरेगा आयुक्त शांतनु गोयल, अमरावती जिलाधिकारी पवनीत कौर, अकोला जिलाधिकारी निमा अरोरा, यवतमाल जिलाधिकारी अमोल येडगे, बुलढाणा जिलाधिकारी एस. रामामूर्ति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविष्यांत पंडा आदि उपस्थित थे।
रोहयो मंत्री भूमरे ने कहा कि, खेती व खेती पूरक उद्योगों का विकास करने के लिए गुणवत्तापूर्ण पांधन मार्ग महत्वपूर्ण है। दिनोंदिन मनुष्य बल की कमी होने के कारण कृषि क्षेत्र में आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल ही एकमात्र विकल्प है। खेत उत्पाद को बाजार में पहुंचाने के लिए तथा यंत्रों को खेत तक ले जाने के लिए खेतों को बारह महीने खेत रास्ते की आवश्यकता है। पांधन रास्ते का उपयोग प्रमुख रूप से खेती में काम के लिए आवश्यक साधनों को लाने, ले जाने के लिए होता है।
इसलिए मातोश्री पांधन रास्ता योजना का लाभ किसानों को तुरंत देने के लिए बारिश से पूर्व अर्थात 15 जून तक पांधन रास्ते का काम पूर्ण करें। जिन गांवों में रोहयो के काम पर मजदूरों का प्रतिसाद ठीक है, वहां आवश्यक काम करें। जिससे मजदूरों को रोजगार मिलेगा व रोजगार से मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आर्थिक रूप से कमजोर तथा अकुशल कामगारों को काम मिलेगा। यह रोजगार हमी योजना का मूल उद्देश्य है।
राज्य की प्रत्येक पंचायत समिति में रोजगार सेवक को कामकाज करने के लिए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए मातोश्री भवन का निर्माण किया जाएगा। राज्य में एक लाख से अधिक रास्तों की मांग है। रोजगार हमी योजना अंतर्गत इन रास्तों के काम पर जोर दिया जाए। इसके अलावा स्कूल की सुरक्षा दीवार, श्मशानभूमि के काम के लिए रोहयो मजदूरों की मदद ली जाए। मातोश्री पांधन रास्ते यह केवल किसानों के लिए न होकर संपूर्ण गांववासियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए पांधन रास्ते का काम गुणवत्तापूर्ण करने की सूचना मंत्री भूमरे ने दी।
अपर मुख्य सचिव नंदकुमार ने अमरावती विभाग में रोहयो विभाग की जिलानिहाय स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि, रोजगार हमी योजना की शुरुआत महाराष्ट्र से हुई है। इसलिए रोहयो के काम में राज्य अव्वल होना चाहिए। रोजगार हमी योजना अंतर्गत मजदूरों द्वारा काम की मांग करने पर 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध करवाएं। मजदूरों के लिए जॉबकार्ड तैयार होना आवश्यक है। इसके लिए संबंधितों को प्रयत्न करना चाहिए। गट विकास अधिकारियों को क्षेत्रनिहाय मुलाकात करना चाहिए। काम की निविदा जल्द से जल्द तैयार की जाए। इसके लिए आवश्यक तकनीकी का उपयोग करें। तकनीकी तथा प्रशासकीय मान्यता तुरंत मिले। इसके लिए प्रयत्न करें।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक तथा तमिलनाडु में रोजगार हमी योजना अंतर्गत बड़े प्रमाण में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रकार राज्य में भी रोहयो के काम में वृद्धि करने की दृष्टि से प्रयत्न करना चाहिए। इस काम के लिए निधि की कमी होने पर शासन के माध्यम से तुरंत निधि उपलब्ध की जाएगी। गांव को रास्ता उपलब्ध होने पर गांव का विकास होगा। मातोश्री पांधन रास्ता के कारण किसानों के साथ गांव वालों को भी लाभ होगा। इसलिए इस काम को तुरंत पूर्ण कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही जिले को प्राप्त मनुष्य बल को यंत्रणानिहाय व तहसीलनिहाय वितरित कर रोजगार निर्मिती के उद्देश्य पूर्ण करें। यह निर्देश नंदकुमार ने दिए हैं। विभागीय आयुक्त पीयूष सिंह ने अमरावती विभाग में मातोश्री पांधन रास्ते के काम निर्धारित समय में पूर्ण करने का विश्वास व्यक्त किया। रोहयो उपजिलाधिकारी राम लंके ने संचालन किया। रोहयो काम में उत्तम काम करने वाले अधिकारियों का मंत्री के हाथों सत्कार किया गया। बैठक में अमरावती विभाग के सभी जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, तहसीलदार, गट विकास अधिकारी, कार्यकारी अभियंता तथा संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
Created On :   27 April 2022 2:50 PM IST