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मनपा की आमसभा को लेकर टकराव,  सस्पेंस बरकरार

मनपा की आमसभा को लेकर टकराव,  सस्पेंस बरकरार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा की आमसभा को लेकर आयुक्त और सभी गट के नेताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। आयुक्त ने कोरोना संक्रमण के चलते आसमभा रद्द करने का महापौर को पत्र दिया, लेकिन महापौर ने पत्र-परिषद लेकर किसी भी कीमत पर आमसभा लेने की चेतावनी दी। महापौर ने आयुक्त को भी पत्र लिखा है। आयुक्त के जवाब का इंतजार है। इस बीच आयुक्त ने राज्य सरकार से इस विषय पर मार्गदर्शन मांगा है। अभी तक सरकार का कोई जवाब नहीं मिलने से मनपा की आमसभा को लेकर सस्पेंस बरकरार है।

20 जून को सुरेश भट सभागृह में मनपा की आमसभा की तारीख तय हुई थी। सभा का एजेंडा भी जारी हुआ। महापौर संदीप जोशी ने बताया कि आयुक्त तुकाराम मुंढे की सहमति से आमसभा की तारीख निश्चित की गई। सभा में सोशल डिस्टेंसिंग कायम रख आसन व्यवस्था करने, सैनिटाइजेशन तथा अन्य तैयारी करने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए। 15 जून को आयुक्त ने अचानक प्रतिबंधित क्षेत्र से नगरसेवकों के आमसभा में शामिल होने पर कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहने का हवाला देकर आमसभा रद्द करने का पत्र दिया है। आयुक्त के पत्र पर महापौर ने आपत्ति दर्ज की है। उनका कहना है कि मनपा में हजारों कर्मचारी प्रतिदिन प्रतिबंधित क्षेत्र से आते हैं। उनके आने से आयुक्त संक्रमण बढ़ने का खतरा महसूस नहीं कर रहे हैं। वे खुद भी अधिकारी, कर्मचारियों की नियमित बैठक लेते हैं। नगरसेवकों के आमसभा में आने पर संक्रमण का खतरा बढ़ने का आयुक्त का तर्क बेबुनियाद है। उन्होंने आयुक्त को आमसभा की तैयारी करने का पत्र दिया है। आयुक्त ने महापौर के पत्र का संदर्भ देकर राज्य सरकार से इस विषय पर राय मांगी है। महापौर जोशी से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मनपा के सभी गट आमसभा लेने की भूमिका पर अड़े हैं।   

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