दैनिक भास्कर हिंदी: नेताओं की घर वापसी की कवायद में एकता परिक्रमा पर निकलेंगे दिग्विजय सिंह

May 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। कांग्रेस के महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नर्मदा परिक्रमा यात्रा पूर्ण करने के बाद एक नई यात्रा निकालने की तैयारी में जुटे हैं। दिग्विजय सिंह की इस यात्रा का मकसद कांग्रेस की राज्य इकाई में एकता लाना और पुराने स्थानीय नेताओं की घर वापसी करना होगा। कांग्रेस नेता द्वारा की गई पिछली यात्रा का उद्देश जहां पूरी तरह से धर्मिक तथा जन संवाद स्थापित करने का था वहीं उनकी अगली यात्रा पूरी तरह से राजनीतिक होगी। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी इस यात्रा के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के द्वारा एक नई इकाई का गठन किया जाएगा। आगामी 22 मई तक यह इकाई बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगी जिसके बाद यात्रा का शुभारम्भ किया जाएगा। 

टिकट ना मांगने वाले ही होंगे यात्रा में शामिल   
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में नर्मदा परिक्रमा यात्रा निकलने के बाद ही दिग्विजय सिंह ने इस बात का ऐलान कर दिया था कि इस यात्रा के बाद वह राज्य में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश परिक्रमा यात्रा पर निकलेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो लोग टिकट नहीं मांगेंगे वही लोग इस परिक्रमा यात्रा में उनके साथ शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि नर्मदा यात्रा में उनके साथ रहीं पत्नी अमृता सिंह भी इस यात्रा में उनके साथ ही रहेंगी। उन्होंने अपने पुराने साथी महेश जोशी को इस यात्रा के लिए तैयार रहने के लिए कह दिया है। वहीं सेवादल के पूर्व प्रमुख रामेश्वर नीखरा का नाम भी यात्रियों की लिस्ट में जोड़ा जा चुका है। बता दें नीखरा, दिग्विजय सिंह के साथ नर्मदा परिक्रमा यात्रा में भी शामिल थे और अब एकता यात्रा के लिए भी सक्रीय नजर आ रहे हैं।  

कमलनाथ के कारण लगा था यात्रा पर ब्रेक  
बता दें कि हाल ही में मध्यप्रदेश के नवनियुक्त कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पदभार संभालने के बाद से इस यात्रा की तैयारियों पर थोड़ा ब्रेक लगा था। जिसके बाद यह बात साफ हो गई थी कि कमलनाथ की हरी झंडी मिलने के बाद ही इस यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। इस दौरान कमलनाथ ने वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर यात्रा पर चर्चा करने वाले थे। जिसके बाद अब दिग्विजय सिंह ने अपनी इस पूर्व नियोजित यात्रा को शुरू करने की कवायद फिर से शुरू कर दी है। बता दें कि इस यात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे। जहां पर वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगमी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करेंगे।