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किसान आंदोलन: कांग्रेस ने शाह से पूछा- 1200 KM दूर जा सकते हैं, 12 KM जाकर किसानों से मुलाकात क्यों नहीं करते

November 29th, 2020 21:07 IST
किसान आंदोलन: कांग्रेस ने शाह से पूछा- 1200 KM दूर जा सकते हैं, 12 KM जाकर किसानों से मुलाकात क्यों नहीं करते

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को जमकर घेरा है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शाह से सवाला किया है कि कि अगर आप 1200 किलोमीटर दूर हैदराबाद जाकर रैलियां संबोधित कर सकते हैं तो क्या 12 किलोमीटर दूर बैठे किसानों ने जाकर बात नहीं कर सकते ? सुरजेवाला ने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में कृषि बिल के संशोधनों को सही ठहराया। पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने क्यों नहीं किसानों से बॉर्डर पर ही बातचीत शुरू की ?

सुरजेवाला ने कहा हमारा सीधा कहना है कि  मोदी जी किसानों के साथ छल कपट और षड़ंयत्र करना बंद कीजिए और पूर्वाग्रह छोड़ इन 3 खेती विरोधी काले कानूनों को खत्म करने के लिए सीधे मन से बात कीजिए! आज मोदी जी ने इन 3 काले कानूनों की चर्चा करते हुए इन्हें सही ठहराते हुए मन की बात में मक्का की फसल की चर्चा कर डाली! आईए जानते हैं मक्का के किसान की हकीकत क्या है और किस प्रकार से पूंजीपतियों के साथ मिलकर षडंयत्र किया जा रहा है।

सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार का मूल मंत्र है- किसानों का शोषण, पूंजीपतियों का पोषण। किसानों का दमन, पूंजीपतियों को नमन। मोदी जी, देश के किसानों द्वारा उठाई जा रही सीधे-सीधे 6 सरल बातों का जवाब देश आपसे मांगता है और आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से वो हम आपके समक्ष रखते हैं। गृहमंत्री व कृषि मंत्री किसानों से वार्तालाप का स्वांग करते हैं, आज मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी जी खेती विरोधी 3 काले कानूनों को सही ठहराते हैं। जब देश का मुखिया ही इन 3 काले कानूनों के समर्थन में आ खड़े होंगे, तो बातचीत किससे होगी, कैसे होगी और उस बातचीत का फायदा क्या होगा?

सुरजेवाला ने कहा, महात्मा गाँधी जी ने कहा था- "जो कानून तुम्हारें अधिकारों की रक्षा न कर सके उसकी अवहेलना करना तुम्हारा परम कर्त्तव्य हैं।" 3 खेती विरोधी काले कानूनों ने मोदी सरकार के मुख़ौटे को उतार दिया है! सुरजेवाला ने कहा, खेती हड़पने के 3 काले कानून को सही बता किसानों के साथ षड़यंत्र कर रहे है PM। मोदी सरकार बना रही ईस्ट इंडिया कंपनी, खेती को गुलामी की जंजीरों मे जकड़ने का षड़यंत्र।अन्नदाता को आतंकी बता,FIR दर्ज कर,लाठी-अश्रु गैस चला दमन करने के BJP षड़यंत्र को विफल करेंगे किसान व कांग्रेस।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।