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नागपुर से प्रियंका को उतारें, गुटबाजी खत्म करने कांग्रेसियों ने रखी मांग

February 06th, 2019 13:19 IST
नागपुर से प्रियंका को उतारें, गुटबाजी खत्म करने कांग्रेसियों ने रखी मांग

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  शहर  कांग्रेस का अंतर्कलह सर्वविदित है। कांग्रेसी अब इसे दूर करने की नई राह निकालना चाह रहे हैं।  लोकसभा चुनाव के लिए नागपुर से उछल रहे अनेक नामों के बीच एक और नाम सामने आया है। शहर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में राष्ट्रीय महासचिव  प्रियंका गांधी को नागपुर से उम्मीदवार बनाने की मांग की है। आगामी चुनाव को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए नागपुर का गढ़ बचाने प्रियंका गांधी को नागपुर शहर से उतारने की मांग की गई है। इसे कांग्रेस की गुटबाजी खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। शहर कांग्रेस प्रवक्ता व महासचिव संदेश सिंगलकर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे पत्र में यह मांग की है। 

ऐसा रहा है नागपुर का इतिहास
विदर्भ एक समय कांग्रेस का गढ़ रहा है, खासकर नागपुर। आपातकाल के समय जब कांग्रेस पूरे देश में परास्त हुई थी तो उस समय भी नागपुर ने कांग्रेस को जितवाया था। ऐसे में कांग्रेस के लिए नागपुर का महत्व और बढ़ गया है, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में नागपुर सहित पूरा विदर्भ साफ हो गया। फिलहाल केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी की मजबूत दावेदारी के सामने कांग्रेस को नागपुर में सक्षम नेतृत्व की कमी खल रही है।

विलास मुत्तेमवार, विकास ठाकरे, प्रफुल गुडधे, गेव आवारी, आशीष देशमुख, नाना पटोले सहित अनेक नाम नागपुर लोकसभा उम्मीदवारी के लिए उछले हैं। इसके लिए ठाकरे और राऊत समर्थक दिल्ली में अपनी-अपनी ताकत लगाए हुए हैं। इस बीच शहर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय कांग्रेस को यह प्रस्ताव दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस का गढ़ रहा नागपुर पिछले कुछ सालों में गुटबाजी के कारण ढह गया है। 2014 के चुनाव में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा है। 2014 से 2018 के बीच गुटबाजी में कोई सुधार नहीं हुआ है। आगामी 2019 का चुनाव कांग्रेस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गढ़ बचाना है तो नागपुर शहर से प्रियंका गांधी को उम्मीदवारी दी जाए। कांग्रेस के सभी गुट उनकी जीत के लिए एकजुट होंगे और शहर में गुटबाजी खत्म होगी। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।