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कोरोना संकट: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 लागू, एक जगह 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक

कोरोना संकट: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 लागू, एक जगह 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रदेश के भी जिलों में धारा 144 लागू कर दी है। राज्य सरकार ने यह फैसला उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को देखते हुए लिया। इसके तहत अब कहीं भी 5 से ज्यादा लोग एक साथ नहीं जुट सकेंगे। बता दें कि प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है और पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।

आदेश में सार्वजनिक भोज की अनुमति देने से इनकार किया गया है। इसके साथ ही कोरोना प्रोटोकाल का पालन न करने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी जिला अधिकारियों, एसपी व एसएसपी को सख्ती से कोरोना प्रोटोकाल पालन करवाने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करवाएं और अत्यंत सावधानी से पंचायत चुनाव संपन्न करवाएं।

100 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने के निर्देश
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन की संक्रमण दर काफी अधिक है इसलिए पूरी सजगता बरतना जरूरी है। अत: यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में 100 से अधिक लोग एकत्र न हों। मुख्यमंत्री ने लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन जिलों में कोविड-19 के 100 से अधिक केस हैं वहां विशेष सावधानी बरती जाए। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग का कार्य प्रभावी ढंग से किया जाए। कोविड पाजिटिव व्यक्ति के अधिक से अधिक कांटैक्ट्स को चिन्हित करते हुए ऐसे लोगों की जांच कराई जाए। प्रदेश में कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। संदिग्ध केस में अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाए।

बचाव के लिए लोगों को निरंतर जागरुक किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने कोविड अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बेड्स की संख्या बढ़ाने, कोविड अस्पतालों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक औषधियों, मेडिकल उपकरणों और बैकअप सहित आक्सीजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड एवं नॉन कोविड अस्पताल स्थापित किए जाएं। कोविड मरीज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एम्बुलेंस का उपयोग नॉन कोविड मरीजों के लिए न किया जाए। एम्बुलेंस के लिए किसी भी मरीज को इंतजार न करना पड़े।  बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

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