दैनिक भास्कर हिंदी: रेमडेसिविर की कालाबाजारी में लिप्त युगल गिरफ्तार

April 20th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रेमडेसिविर की कालाबाजारी में लिप्त युगल को वाठोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  अदालत में पेश कर उन्हें पीसीआर में लिया गया है। आरोपियों से 5 रेमडेसिविर इंजेक्शन, मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त किया गया है। 

शराब भट्ठी पर बेच रहे थे
पुलिस के अनुसार आरोपी शुभम सत्यनिवास अर्जुनवार (24), नागेश्वर नगर और ज्योति श्री उत्तम सिंह अजित (23), मूलत: मध्यप्रदेश के सिवनी वर्तमान में नागपुर निवासी हैं। शुभम बेरोजगार है, जबकि ज्योति ने नर्सिंग का प्रशिक्षण लिया है। बुटीबोरी स्थित गायकवाड़ पाटील कोविड सेंटर में बतौर नर्स है। रविवार को वाठोड़ा पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि, वाठोड़ा में स्थित देसी शराब भट्ठी के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री होने वाली है, जिससे सादे लिबास में पुलिस को तैनात किया गया। इस बीच शुभम को ब्लैक में रेमडेसिविर को बेचते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया है।

सहेली को देने के लिए चुराया
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि, यह रेमडेसिविर उसकी मित्र ज्योति को दिए थे, जिससे पुलिस ने ज्योति को भी गिरफ्तार किया। ज्योति का कहना है कि, उसकी एक सहेली का कोई परिचित कोरोना संक्रमित है। उसे रेमडेसिविर की जरूरत थी। इस कारण उसने पाटील कोविड सेंटर के स्टॉक से एक रेमडेसिविर चोरी कर अपनी सहेली को देने के लिए शुभम को कहा था। ज्योति की यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। ज्योति पुलिस को गुमराह कर रही है, क्योंकि अगर उसने स्टॉक से सिर्फ एक ही रेमडेसिविर चोरी था, तो उनके पास चार रेमडेसिविर कहां से आए। प्रकरण में और भी लोग लिप्त होने की आशंका है।

21  तारीख तक पीसीआर
सोमवार की दोपहर पुलिस ने शुभम और उसकी मित्र ज्योति को अदालत में पेश िकया। जहां से उन्हें 21 अप्रैल तक पीसीआर में भेज दिया गया है। आरोपी युगल से कुल 5 रेमडेसिविर, मोबाइल और मोटरसाइकिल (एम.एच.-40-ए.डब्ल्यू.-3645) जब्त िकया गया है। परिमंडल-4 के उपायुक्त डॉ. अक्षय शिंदे, वाठोड़ा थाने की वरिष्ठ निरीक्षक आशालता खापरे, उप-निरीक्षक रमेश नन्नावरे, सहायक उप-निरीक्षक बट्टूलाल पांडे, जगन्नाथ घायवट, रोहिदास जाधव, अतुल टिकले, पवन साखरकर और गजेश मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं।

जांच में एक आरोपी मिला पॉजिटिव, रिमांड खत्म होने से पहले 5 आरोपियों को जेल भेजा
नया पुलिस स्टेशन मेंे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले पांच आरोपी पुलिस की कस्टडी में 20 अप्रैल तक थे, लेकिन 19 अप्रैल को सुबह सभी पांच आरोपियों की कोरोना जांच कराई गई। इसमें शुभम मोहदुरे की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर पुलिस स्टेशन में कोरोना संक्रमण न फैले इस दृष्टि से सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी पांच आरोपियोंे को जेल रवाना कर दिया है। 
बता दें कि, पुलिस रिमांड में डॉ. लोकेश शाहू, सुमित बांगड़े, कुणाल कोवडे और शुभम मोहदुरे ने वर्धा सावंगी मेघे निवासी तथा विनोबा भावे सामान्य रुग्णालय के कर्मचारी उमेश सातपुते रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल होने जानकारी दी थी। 

पांचवें आरोपी को भी लिया था रिमांड पर
इसके आधार पर पुलिस ने 17 अप्रैल को उमेश को गिरफ्तार कर तीन दिन की पुलिस रिमांड में लिया था। यह सभी पांच आरोपी एक ही जगह लॉकअप में होने से कोविड-19 को देखते हुए पुलिस ने इन सभी का सोमवार को कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें एक आरोपी पॉजिटिव पाया गया है।