अजनी वन कटाई का मामला: कोर्ट ने कहा- अपनी अर्जी पर पुनर्विचार करे एनएचएआई

October 14th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  अजनी मंे इंटर मॉडल स्टेशन बनाने के लिए राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई करने जा रहा है। इसी योजना के तहत कई वृक्षों के स्थानांतरण की भी मंशा है। लेकिन एनएचएआई ने राज्य वृक्ष प्राधिकरण के पास जो आवेदन दायर किया है, उसमें कई प्रकार की त्रुटियां हैं। ऐसे में  बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने एनएचएआई को अपनी अर्जी पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया है। हाईकोर्ट ने एनएचएआई को मूल अर्जी वापस लेकर नए सिरे से अर्जी दायर करने की सलाह दी है। एनएचएआई से 21 अक्टूबर तक जवाब मांगा गया है।

वृक्ष का स्थानांतरण महज छलावा
याचिकाकर्ता श्वेता भुरभुरे व अजय तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अजनी वन कटाई का विरोध किया है। बुधवार को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एम. अनिल कुमार ने कोर्ट को बताया कि एनएचएआई द्वारा वृक्ष स्थानांतरण के लिए राज्य वृक्ष प्राधिकरण के पास जो आवेदन किया गया है, वह एक प्रकार का छलावा है। क्योंकि यह पूरा प्राेजेक्ट 446 एकड़ का है, जबकि एनएचएआई ने महज 46 एकड़ के वृक्ष स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है। एनएचएआई ऐसे टुकड़ों में अनुमति नहीं मांग सकती। वृक्ष अधिनियम के नए संशोधन के बाद इस प्रकार की अनुमति ही नहीं है। ऐसे में एनएचएआई की अर्जी खारिज की जानी चाहिए।