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कोविड-19 :  नागपुर में 38 और पॉजिटिव, 299 की रिपोर्ट निगेटिव आने के पहले ही कर दिया डिस्चार्ज 

कोविड-19 :  नागपुर में 38 और पॉजिटिव, 299 की रिपोर्ट निगेटिव आने के पहले ही कर दिया डिस्चार्ज 

डिजिटल डेस्क, नागपुर। 38 और मरीजों के सैंपल पॉजिटिव आए हैं। इसके साथ ही कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 777 हो गई है।मंगलवार को पॉजिटिव आए 38 सैंपल में 28 की एम्स, 9 की मेयो और एक की जांच निजी लैब में हुई है। एम्स में जांचे गए सैंपल में 22 मरीज नाईकतालाब बांग्लादेश और 4 हंसापुरी के हैं। शेष 2 मरीजों की जानकारी स्पष्ट नहीं है। मेयो में जांचे गए सैंपल में 7 नाईकतालाब बांग्लादेश और एक मरीज जरीपटका स्थित मार्टिननगर का है। निजी लैब में पॉजिटिव आई रिपोर्ट मेडिकल में भर्ती एक मरीज की है। इसके पहले सोमवार देर शाम नीरी के लैब में 18 सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। 18 में 14 मरीज नाईक तालाब के थे, जबकि एक भारतनगर, एक मोमिनपुरा और एक झिंगाबाई टाकली का मरीज था।

24 घंटे में नाईकतालाब बांग्लादेश से 43 मरीज

पिछले 24 घंटे में नाईकतालाब बांग्लादेश बस्ती से 43 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इसके साथ इस क्षेत्र से सामने आए मरीजों की संख्या 122 हो गई है। सतरंजीपुरा जोन स्थित नाईकतालाब बांग्लादेश बस्ती, मोमिनपुरा और सतंरजीपुरा के बाद सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन चुका है।

22 डिस्चार्ज

मंगलवार को 22 मरीज डिस्चार्ज किए गए। इनमें 11 मेयो से और 11 मेडिकल से डिस्चार्ज हुए हैं। मेयो से डिस्चार्ज मरीजों में 8 मोमिनपुरा के और 3 गोलीबार चौक के हैं। मेडिकल से डिस्चार्ज मरीजों में 4 नाईकतालाब, 3 कोराडी और 3 मोमिनपुरा के हैं। 

299 पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के पहले ही कर दिया डिस्चार्ज

उधर 299 पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इन मरीजों के साथ-साथ परिवार वाले भी असमंजस में हैं। इससे पहले दूसरी व्यवस्था हुआ करती थी। मरीज को अस्पताल में चाहे जितने दिन हो जाएं, उसकी दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उसे डिस्चार्ज किया जाता था। पर अब ऐसा नहीं हो रहा है। देश में लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या और अस्पतालों में सीमित संसाधनों के चलते 15 मई से कोरोना मरीजों के लिए नई गाइडलाइन जारी हुई। उसी के तहत अब मरीजों को 10 दिन में छुट्टी दी जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव आने तक का इंतजार नहीं किया जा रहा। इससे ठीक होने वालों के आंकड़े का ग्राफ भी बढ़ जाता है, जो सरकार के हित में है। इधर, मरीज और उनके परिजन इस असमंजस में हैं कि वे ठीक हो गए हैं या अभी ठीक होना बाकी है।  हालांकि, इस सवाल का जवाब अस्पताल प्रबंधन भी उन्हें नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं घर जाकर संक्रमण तो नहीं फैलेगा?

नए नियम से डिस्चार्ज

नागपुर में 15 मई से डिस्चार्ज संबंधित नए दिशा-निर्देश लागू किए गए। इसके बाद मेयो और मेडिकल से बड़ी संख्या में मरीज डिस्चार्ज किए गए। यहां तक कि एक ही दिन मेयो से 53 और मेडिकल से 23 मरीजों को घर जाने की अनुमति मिल गई। हालांकि, कई मरीजों ने इसको लेकर नाराजगी भी जताई है कि पूरी तरह से ठीक हुए बगैर उन्हें घर भेज दिया जा रहा है।

नियमों में लगातार दी जा रही ढील के पीछे छुपे हैं कई राज

कोरोना को लेकर राज्य जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार हल्के लक्षण वाले मरीज घर में ही आइसोलेशन में रह सकते हैं। कोरोना को लेकर नियमों में लगातार बरती जा रही ढील के पीछे कई राज छुपे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं- लॉकडाउन के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। अब लॉकडाउन में छूट देने के बाद और तेजी से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में अधिक से अधिक बेड खाली रहें, इसलिए हल्के लक्षण वाले मरीजों को आइसोलेशन के लिए घर में ही रहने की सलाह दी जा रही है। ऐसे मरीजों से संक्रमण और जानहानि दोनों का खतरा काफी कम है। जल्दी डिस्चार्ज किए गए मरीजों से संक्रमण फैलने की आशंका कम है, पर बिल्कुल नहीं। ऐसा नहीं है।
 

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