दैनिक भास्कर हिंदी: मोदी की तारीफ करने पर मकपा विधायक को पार्टी से निकाला, BJP ने की आलोचना

March 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता व पूर्व विधायक नरसय्या आडाम उर्फ आडाम मास्तर को पार्टी से निकाले जानी की प्रदेश भाजपा ने आलोचना की है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने मंगलवार को कहा कि माकपा ने प्रधानमंत्री की तारीफ करने पर आडाम मास्टर को पार्टी से निकाल कर असहिष्णुता का बेशर्म प्रदर्शन किया है।

बीते 9 जनवरी को सोलापुर में बीडी कामगारों के लिए घरों के भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिस्सा लिया था। जीवन भर बीडी कामगारों के लिए संघर्ष करने वाले आडाम मास्तर भी इस दौरान मंच पर मौजूद थे। उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की तारीफ की थी। इसके पहले बीडी कामगारों को 10 हजार घर तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के वक्त मिले थे। आडाम मास्तर ने उसी समय यह बात साफ कर दी थी कि वे बीडी कामगारों की वजह से आज इस मंच पर हैं। इसके बावजूद माकपा ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। भंडारी ने कहा कि माकपा की यह कार्रवाई शर्मनाक है। सार्वजनिक जीवन में इस तरह की राजनीतिक अस्पृश्यता सही नहीं और यह लोकतंत्र के लिए घातक है।     

अपने सांसदों के खिलाफ शिवसेना पदाधिकारियों ने खोला मोर्चा
उधर लोकसभा चुनाव के ऐन मौके पर शिवसेना के सांसदों और पार्टी के जिला पदाधिकारियों के बीच की अंतरकलह सामने आ रही है। शिवसेना के आधा दर्जन से अधिक सांसदों के खिलाफ पार्टी के जिला प्रमुखों और पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। नाशिक और औरंगाबाद के पार्टी के जिला प्रमुख मौजूदा सांसद का टिकट काटकर खुद अपने लिए टिकट चाहते हैं। पार्टी पदाधिकारियों की नाराजगी ने पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के सामने टिकट बंटवारे का पेंच फंसा दिया है। मंगलवार को उद्धव ने मातोश्री में मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। शिवसेना के नाशिक जिला प्रमुख विजय करंजकर नाशिक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

करंजकर नाशिक सीट से शिवसेना के सांसद हेमंत गोडसे को फिर से उम्मीदवारी देने के विरोध में हैं। ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में करंजकर ने कहा कि मैं गोडसे का विरोध नहीं कर रहा हूं, बल्कि शिवसेना के स्थानीय कार्यकर्ता के बीच उनको लेकर नाराजगी है।  संगठन के पदाधिकारी उनको टिकट देने के विरोध में है। इसलिए मैंने उद्धव के सामने अपनी दावेदारी पेश की है।

खैरे का टिकट काट दानवे लड़ना चाहते हैं चुनाव 
शिवसेना के औरंगाबाद जिला प्रमुख अंबादास दानवे लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। फिलहाल औरंगाबाद सीट से चंद्रकांत खैरे पार्टी के सांसद हैं। दानवे और खैरे के बीच लगातार मतभेत सामने आते रहे हैं। हालांकि दानवे ने कहा कि मेरी खैरे से कोई नाराजगी नहीं है। लोकसभा के टिकट का अंतिम फैसला उद्धव जी को करना है। यदि वे मौका देते हैं तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। शिवसेना की यवतमाल-वाशिम से सांसद भावना गवली और शिवसेना के राजस्व राज्य मंत्री संजय राठौड के बीच के मतभेद दूर नहीं हुए हैं। शिवसेना के रायगड के सांसद व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते, परभणी के सांसद संजय जाधव, शिर्डी के सांसद सदाशिव लोखंडे और अमरावती के सांसद आनंदराव अडसूल, मावल के सांसद श्रीरंग बारणे के खिलाफ पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों में नाराजगी है।

दूसरी ओर चंद्रपुर की वरोरा सीट से शिवसेना के विधायक सुरेश ऊर्फ बालुभाऊ धानोरकर ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का मन बना लिया है। चंद्रपुर लोकसभा सीट से धानोरकर बतौर कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाहते हैं। धानोरकर और भाजपा के चंद्रपुर के सांसद व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहिर के बीच मतेभद हैं। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा-शिवसेना में युति होने के बाद समझा जा रहा था कि शिवसेना के लिए चुनावी राह आसान हो जाएगी लेकिन पार्टी के भीतर की नाराजगी दूर करने के लिए उद्धव को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।