दैनिक भास्कर हिंदी: 24 घंटे में लाखों में कीमत का 400 किलो गांजा जब्त, पुलिस को मिली बड़ी सफलता

September 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्करों की कमी नहीं है। अपराध शाखा पुलिस विभाग के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस दस्ते ने 24 घंटे में 400 किलो गांजा जब्त किया। इस दौरान पुलिस दस्ते ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गांजा, 8 मोबाइल व 5 कारें सहित 72 लाख का माल जब्त किया। पहले दिन 5 आरोपियों को धरदबोचा। इन आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे दिन 3 आरोपियों  को धरदबोचा। अलग-अलग स्थानों पर उक्त दोनों कार्रवाई की गईं। नागपुर को तस्कर मादक पदार्थों की तस्करी का सबसे सुरक्षित स्थान भले मानने लगे हों, लेकिन पुलिस विभाग की कार्रवाई उनके मंसूबे पर पानी फेरने में सफल हो रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पुलिस विभाग के मादक पदार्थ विरोधी पुलिस दस्ते ने अधिक माल जब्त किया है। इस वर्ष अभी तक मादक पदार्थ विरोधी पुलिस दस्ते ने 56 कार्रवाई की है। पुलिस विभाग की यह बड़ी सफलता है 

ऐसे की पुलिस ने कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी राजेंद्र उर्फ लड्डू किराड (32) सतनामी नगर लकड़गंज, नितीन कृष्णा मोहाडीकर (35) भवानी नगर न्यू शारदा चौक कलमना,  स्वप्निल सुरेश तोडासाम (30) आराधना नगर खरबी रोड, महेंद्र केशवराव वाडणकर (32) सतनामी नगर लकड़गंज और अनिल विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा  (19) भवानी नगर निवासी से डस्टर (एमएच 42 के-2661) और वेरना कार (एमएच 40 केआर 7040) से 209 िकलो 744 ग्राम गांजा सहित करीब 39 लाख 67 हजार 120 रुपए का माल जब्त किया। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ कलमना थाने में मामला दर्ज किया। आरोपी राजेंद्र उर्फ लड्डू किराड तड़ीपार आरोपी है। वह तड़ीपार होने के बाद गांजा तस्करी में लिप्त हो गया। इस आरोपी को पुलिस परिमंडल क्रमांक-3 से तड़ीपार िकया गया है। इन आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नागपुर में तीन आैर आरोपी गांजे की खेप लेकर आने वाले हैं। इसलिए पुलिस ने इस कार्रवाई को काफी गोपनीय रखा।

पुलिस ने उक्त पांचों आरोपियों की निशानदेही पर कापसी पुल से विहीरगांव पुल की ओर जाने वाले रिंग रोड पर पांढुर्णा गांव के पास अमरावती जाने वाले महामार्ग पर जाल बिछाया। पुलिस दस्ते ने इस मार्ग पर टाटा इंडिगो कार (एमएच 27 एसी- 8456), स्वीप्ट डिजायर (एमएच 27 बीवाई-2877) व फोर्ड कार (एमएच 04 डीवाई- 3883) को रोका। पुलिस ने तीनों कारों की तलाशी ली। इन तीनों कारों से पुलिस ने आरोपी शेख सादिक शेख बाबा (33) आजादनगर अमरावती, शेख अरसान शेख उमर (21) और शेख राजिक उर्फ गोलू शेख बाबा (21) को बाहर निकाला। कारों की तलाशी लेनेे पर 182 किलो 400 ग्राम गांजा, मोबाइल और कारों   सहित  करीब 32 लाख 33 हजार रुपए का माल जब्त किया है। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ नंदनवन थाने में मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में मादक पदार्थ विरोधी दस्ते के निरीक्षक राजेंद्र निकम, सहायक पुलिस निरीक्षक दिलीप चंदन, उपनिरीक्षक स्वप्निल वाघ, एएसआई अर्जुनसिंह व अन्य ने कार्रवाई में सहयोग किया। विठोबा काले, हवलदार बागुल, विनोद मेेश्राम, सिपाही नितीन मिश्रा, महिला सिपाही रुबीना शेख व अन्य ने कार्रवाई में सहयोग किया।

नागपुर भेजा गया था सारा माल
पुलिस सूत्रों के अनुसार मादक पदार्थ विरोधी दस्ते के निरीक्षक राजेंद्र निकम की निगरानी में दो स्थानों पर गांजा जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दस्ते के एक पुलिसकर्मी को गुप्त सूचना मिली कि चार पहिया वाहन से शहर में गांजे की बड़ी खेप आने वाली है। इस बारे में अपराध शाखा पुलिस विभाग के मादक पदार्थ विरोधी दस्ते ने उस चार पहिया वाहन के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस दस्ते ने कलमना क्षेत्र के बाराद्वारी के सामने जाल बिछाया। पुलिस दल को दो संदिग्ध वाहन आते नजर आए। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोका। उसमें सवार लोगों से पूछताछ करने पर वह टालमटोल जवाब देने लगे। पुलिस ने दोनों वाहनों की तलाशी ली, उसमें करीब 209 किलो 744 ग्राम गांजा मिला। 

तड़ीपार आरोपियों पर पुलिस नहीं रख पाती नजर
शहर से एक बार पुलिस किसी आरोपी को तड़ीपार कर देती है तो बाद में उसका ध्यान नहीं रख पाती है। पुलिस विभाग के पास तमाम यंत्रणाएं भी इस मामले में असफल हो रही हैं। यह पहला मामला नहीं है जब कोई तड़ीपार आरोपी पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस का दावा होता है कि वह आरोपियों पर हर पल नजर रखने में नित दिन नए प्रयास कर रही है, जबकि सच्चाई है कि तड़ीपार आरोपी शहर से बाहर जाने के बाद वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। तड़ीपार आरोपी राजेंद्र किराड इस बात का पुख्ता उदाहरण है। पकड़े गए आरोपियों में तीन आरोपी शेख सादिक, शेख अरसान और शेख राजिक अमरावती में गांजा तस्करी का अवैध कारोबार फैला रखा है। अन्य 5 आरोपी नागपुर में मादक पदार्थ की तस्करी में लिप्त हैं।