सिंचाई कार्यालय में आंदोलन : सिंचाई के अभाव में बर्बाद हुई 626 हेक्टेयर की फसल

October 14th, 2021

संवाददाता। आरमोरी. (गड़चिरोली)।  इटियाडोह सिंचाई प्रकल्प द्वारा गड़चिरोली जिले के लिए 40 प्रतिशत सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस वर्ष नाममात्र 20 प्रतिशत पानी छोड़ने के कारण तहसील के वघाला क्षेत्र के 626 हेक्टेयर खेत की धान फसल पूरी तरह नष्ट हो गयी। इस बात से संतप्त हुए किसानों ने आरमोरी के इटियाडोह सिंचाई प्रकल्प के कार्यालय पर दस्तक देकर नुकसान मुआवजे की मांग की। इस समय वघाला क्षेत्र के दर्जनों किसान उपस्थित थे। 

वघाला ग्रापं के उपसरपंच प्रवीण रहाटे ने स्वयं उपकार्यकारी अभियंता मेंढे को किसानों के खेतों पर ले जाकर फसलों का परीक्षण करवाया। इस समय किसानों की सारी फसलें तनस में तब्दील होने का पाया गया। बता दें कि, गड़चिरोली जिले में किसी तरह की सिंचाई सुविधा उपलब्ध न होने से प्रति वर्ष गोंदिया जिले के इटियाडोह प्रकल्प से क्षेत्र वासियों के लिए सिंचाई की सुविधा दी जाती है। हर वर्ष 40 प्रतिशत पानी आरमोरी, देसाईगंज और कुरखेड़ा तहसील के लिए छोड़ा जाता है लेकिन सिंचाई प्रकल्प के  नहर की हालत खस्ता हो जाने के कारण वघाला क्षेत्र तक इस वर्ष पानी की एक बंूद तक नहीं पहुंच पायी, जिस समय फसलों पर धान के तने उगने थे, ठीक उसी दौरान सिंचाई सुविधा न मिल पाने से किसानों की सारी फसलें नष्ट हो गयी।  फसलों के नष्ट होने के कारण किसानों ने विभाग से यथाशीघ्र नुकसान मुआवजे की मांग की है।

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