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नागपुर स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में सड़ गया शव

नागपुर स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में सड़ गया शव

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लॉकडाउन में भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के बड़े-बड़े दावे रेल पुलिस करती रही। नागपुर रेलवे स्टेशन से लेकर पटरी तक की सुरक्षा में भारी संख्या में जवानों को लगाने की बात की गई थी। इन सब दावों की पोल  खुल गई। नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पर सात पर खड़ी ट्रेन की बोगी में एक शव सड़ गया, पर रेल पुलिस को भनक नहीं लगी। बोगी की सफाई करने पहुंचे कर्मचारियों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे स्टेशन की सुरक्षा कितनी चाक-चौबंद है।

पास जाने की कोई हिम्मत तक नहीं 
प्लेटफार्म नंबर 7 पर खड़ी ट्रेन की सफाई के दौरान आखिरी बोगी (13223) से दुर्गंध आ रही थी। सफाई करते-करते कर्मचारी आखिरी बोगी तक पहुंचे। यहां बदबू के मारे खड़ा होना भी मुश्किल होने लगा। जैसे-तैसे बोगी में देखा गया तो हकीकत सामने आई। पूरी तरह सड़ चुके शव का कंकाल दिखने लगा था। कीड़े पड़ चुके थे। कोई कर्मचारी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जीआरपी को सूचना दी गई। एक माह से ज्यादा पुराना शव लग रहा था। उस पर हरे रंग की टी शर्ट थी। प्राथमिक जांच में शव किसी युवक का लग रहा है। पूरी कार्रवाई पुलिस निरीक्षक सतीश जगदाडे के नेतृत्व में हुई।

पीपीई किट पहन उठाया शव को
शव की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि कोई उसे उठाने को तैयार नहीं था। इसके अलावा, कोरोना का भी खौफ था। सहायक पुलिस उपनिरीक्षक ओस्वल थॉमस, कांस्टेबल तुषार राजनकर, गजू शेड़के ने हिम्मत जुटाई। पीपीई किट पहनकर शव को उठाया और पूर्वी द्वार तक पैदल ही ले गए। यहीं पर एंबुलेंस खड़ी थी। यहां से शव को मेयो अस्पताल पहुंचाया गया, परंतु पोस्टमार्टम नहीं हो सका। दोपहर में शव को मोक्षधाम घाट पर ले जाकर अंत्येष्टि की गई।

पूर्व में मिले महिला के शव की गुत्थी आज तक नहीं सुलझ पाई
नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात के पास 3 साल पहले भी एक शव मिला था। शव महिला का था। किसी रामकली के शव होने की चर्चा थी। महिला का चेहरा पत्थरों से क्षत-विक्षत कर दिया गया था। आज तक पुलिस नहीं पता कर पाई कि आखिर इस वारदात को अंजाम किसने दिया था। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।