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मरीज की मौत: मामला गर्माया, चिकित्सा अधिकारी करेंगे जांच

मरीज की मौत: मामला गर्माया, चिकित्सा अधिकारी करेंगे जांच

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पंचशील टॉकीज चौक स्थित केयर हॉस्पिटल में 28 अक्टूबर को 72 वर्षीय अरूण थूल की मौत का मामला गर्मा गया है। अस्पताल प्रशासन पर परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाने के बाद सीताबर्डी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी जोन-2 और सीताबर्डी पुलिस ने मेडिकल चिकित्सा अधिकारी से जांच कराने के लिए मेडिकल प्रशासन को पत्र भेजा है, साथ ही अस्पताल प्रशासन से भी वार्ड के सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। फिलहाल मामले की पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत, मनपा आयुक्त, जिलाधिकारी आदि से शिकायत की गई है।

शिकायत में कई गंभीर आरोप 
मृतक के पुत्र शिकायतकर्ता मोनाल थूल ने िवविध स्तरों पर की गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया कि 17 अक्टूबर को अरूण थूल को सिर्फ खाना नहीं खाने की वजह से केयर अस्पताल में भर्ती किया गया। भर्ती करने के बाद मरीज को यूरिनल कैथेडर लगाया गया।  आरोप है कि यह गलत तरीके से लगाया, जिसकी वजह से थैली में खून जमा होना शुरू हो गया। इसकी शिकायत की गई, फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। मरीज को लगाए गए डायपर में भी खून दिखाई दिया। तुरंत डॉक्टरों को इसकी सूचना दी गई। डॉक्टर ने देखा तो वहां ड्रेसिंग की हुई थी। डॉक्टर को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पता चला कि यह खून लगातार बह रहा था। लगातार खून बहने से कमजोरी आ गई थी। फिर भी ध्यान नहीं दिया गया।  अस्पताल में सुविधा होने के बावजूद 4 दिन तक एंडोस्कॉपी के लिए इंतजार भी कराया। अलग-अलग बहाने कर आखिर तक एंडोस्कॉपी भी नहीं हुई। मुंह में बड़े-बड़े छाले आ गए थे, जिस कारण मरीज का खाना-पीना भी बंद हो गया। 

पत्र की पुष्टि
मेडिकल को पत्र भेजकर मौत की जांच के लिए करने को कहा गया है। अस्पताल से भी सीसीटीवी फुटेज मांगे गए हैं। -अतुल सबनीस, वरिष्ठ थानेदार, सीताबर्डी

परिजनों को जानकारी नहीं दी गई
मरीज के रिश्तेदार डॉक्टरों से उपचार की जानकारी मांगते रहे कि क्या हुआ, उन्हें आखिर तक कोई जानकारी नहीं दी गई। अंतत: 28 अक्टूबर की रात मरीज की मौत हो गई। इससे ठीक 2 घंटे पहले पुत्र मोनाल ने उनसे आईसीयू में जाकर मुलाकात की थी। तब मरीज ने बताया था कि वे 5 घंटे से पानी मांग रहे हैं, लेकिन कोई पानी तक नहीं दे रहा था। तुरंत पुत्र ने जाकर कैंटीन से सादा पानी लाकर उन्हें दिया। इसके दो-ढाई घंटे बाद मरीज की मौत हो गई। फिलहाल मामले की अनेक स्तरों पर शिकायत की गई है, जिसके बाद मेडिकल वैद्यकीय अधिकारी से जांच करने को कहा गया है। 

क्लीनिकल मामला
यह क्लीनिकल मामला है। डॉक्टर खांडेकर आपको पूरी बात बताएंगे। सोमवार को सुबह 10 बजे आपसे बात करा देता हूं।
-रवि मन्नाडीयार, एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, केयर हॉस्पिटल
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।