दैनिक भास्कर हिंदी: मुख्यमंत्री केजरीवाल का मोदी सरकार से सवाल- पिज्जा की होम डिलीवरी हो सकती है तो राशन की क्यों नहीं ?

June 6th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में हर घर तक राशन पहुंचाने की केजरीवाल सरकार की योजना पर केंद्र ने ब्रेक लगा दिया है। यह योजना एक हफ्ते बाद लागू होनी थी। इसकी सारी तैयारियां भी कर ली गई थीं। लेकिन दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से इस योजना की मंजूरी नहीं ली थी, जिसके चलते इसे रद्द कर दिया गया है। आज (रविवार) मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में घर-घर राशन योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया कि पिज्जा-बर्गर की होम डिलीवरी हो सकती है तो घर-घर राशन क्यों नहीं ?

केजरीवाल ने कहा, हमने एक बार नहीं 5 बार आपकी मंजूरी ली है। कानूनन किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है। राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं होनी चाहिए? आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों के साथ कौन खड़ा होगा? उन 70 लाख गरीबों का क्या होगा जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं। केजरीवाल ने कहा, अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। सारी तैयारी हो गई थी और अचानक आपने 2 दिन पहले इसे क्यों रोक दिया? ये कह के इसे खारिज किया गया है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ली। ये गलत है। 

केजरीवाल ने कहा, अगले हफ्ते से घर-घर राशन योजना शुरू होनी थी। सारी तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन आपने अचानक दो दिन पहले क्यों रोक दी? प्रधानमंत्री जी आज मैं बहुत व्यथित हूं। आज मुझसे कोई भूल हो जाए तो माफ कर देना। प्रधानमंत्री सर, इस स्कीम के लिए राज्य सरकार सक्षम है और हम केंद्र से कोई विवाद नहीं चाहते। हमने इसका नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था। आपने तब कहा कि योजना में मुख्यमंत्री नाम नहीं आ सकता। हमने आपकी बात मानकर नाम हटा दिया। आपने अब हमारी योजना ये कहते हुए खारिज कर दी कि हमने केंद्र से अनुमति नहीं ली। केंद्र सरकार से इस योजना के लिए हमने 5 बार अनुमति ली।

वहीं, शनिवार को केजरीवाल ने कहा था कि 'दिल्ली सरकार पूरी दिल्ली में 1-2 दिनों के भीतर 'राशन की डोरस्पेट डिलिवरी' स्कीम लॉन्च करने जा रही थी। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने इस स्कीम को लागू करने वाली फाइल को नामंजूर कर दिया। इसके लिए दो वजह बताई- केंद्र ने अभी तक इस स्कीम को मंजूरी नहीं दी है और कोर्ट में इससे जुड़ा एक केस चल रहा है।'

दिल्ली सरकार ने पहले इस योजना को 'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना' के नाम से शुरू करने का ऐलान किया था। मार्च में ही इसे लॉन्च किया जाना था लेकिन इस पर केंद्र सरकार ने आपत्ति जताई थी। केंद्र का कहना था कि नैशनल फूड सिक्यॉरिटी ऐक्ट के तहत सब्सिडी पर मिलने वाले खाद्यान्न का इस योजना के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। योजना में कोई भी बदलाव संसद कर सकती है। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस योजना को बिना किसी नाम से शुरू करने का ऐलान किया था।
 

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