दैनिक भास्कर हिंदी: 26 वर्षों से कारतूस पहुंचा रहा था  नक्सलियों का मददगार अजित

November 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली।  दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने  मुलचेरा तहसील के नरेंद्रपुर गांव निवासी अजित रॉय को नक्सलियों को कारतूस पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया। उसे दिल्ली ले जाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अजित पिछले 26 वर्षों से नक्सलियों को कारतूस पहुंचा रहा था। नक्सली नेताओं से उसके करीबी संबंध होने की जानकारी है। दिल्ली में अजित से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा। जानकारी के अनुसार, अजित वर्ष 1992 में नक्सलियों के संपर्क में आया। तब से नक्सल दलम के अलग-अलग कमांडरों को वह कारतूस पहुंचा रहा है।  नक्सल आंदोलन के नेताओं से उसके करीबी संबंध हैं।  कहा जा रहा है कि, इस वर्ष अप्रैल माह में कसनासुर के जंगल में हुई मुठभेड़ में 40 नक्सली मारे गए थे। इनमें  एक नक्सली नेता भी था। उसके साथ अजीत के अच्छे संबंध थे। यही नहीं मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के परिवार को आर्थिक सहायता पहुंचाने का काम भी वह कर रहा था। दिल्ली पुलिस द्वारा की जानेवाली पूछताछ में अजित से नक्सल आंदोलन से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। 

तीन वर्षों से विमुस अध्यक्ष पद पर था कार्यरत
जानकारी यह भी मिली है कि, वर्ष 2014 से लेकर 2017 तक अजित गोविंदपुर में विवाद मुक्त गांव समिति के अध्यक्ष पद पर कार्यरत था। एक ठेकेदार के कार्य अजीत की निगरानी में चल रहे थे।  बीच में पुलिस तलाश में होने की भनक लगते ही अजीत पिछले चार-पांच माह से फरार था। अंतत:  वह पुलिस के हत्थे चढ़ा। 

जिले में डेरा डाले हुई थी दिल्ली पुलिस 
पता चला है कि अजित रॉय को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम गत सप्ताह  भर से अजीत को पकडऩे के लिए गड़चिरोली में डेरा डाले हुई थी।  शुक्रवार को अजीत के मुलचेरा तहसील में होने की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली और गड़चिरोली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अजीत का दबोच लिया। उसे चामोर्शी के न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायालय ने अजीत को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया।  
 
तीन राज्यों में प्रकरण दर्ज
अजीत रॉय के खिलाफ नक्सलियों को कारतूस पहुंचाने के तीन राज्यों में प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मई 1992 में मुलचेरा पुलिस थाने में अजीत रॉय के खिलाफ दो अपराध दर्ज हुए थे। वर्ष 2005 में ओड़ीसा राज्य के नंबरंग जिले के उमिरकोटे पुलिस थाने में और वर्ष 2008 में इसी राज्य के बिरमित्रापुर थाने में मामला दर्ज है। स्पेशल सेल दिल्ली में 5वां मामला दर्ज हुआ है।