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केंद्र की आयात नीति रद्द करने की मांग, महंगाई का विरोध

डिजिटल डेस्क, अमरावती। पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जीवनावश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने ृअमरावती शहर और जिले के बडनेरा, चांदुर रेलवे, नांदगांव खंडेश्वर और तिवसा में पेट्रोल-डीजल खरीदी-बिक्री बंद सत्याग्रह आंदोलन किया। इसमें माकपा ने विविध पेट्रोल पंप के सामने आंदोलन किया। पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतें बढ़ने से आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है। पहले ही कोराेना के कारण नागरिकों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना का संकट कम होने के बाद से महंगाई बढ़ गई है। पेट्रोल-डीजल आदि वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से बुधवार को अमरावती शहर और जिले में पेट्रोल-डीजल खरीदी-बिक्री बंद सत्याग्रह आंदोलन किया गया।
अमरावती शहर सहित बडनेरा, चांदुर रेलवे, नांदगांव खंडेश्वर और तिवसा में माकपा ने विविध पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शन किया। लगातार बढ़ रही तेल की कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मोदी सरकार ने अनाप-शनाप टैक्स लगाकर जनता से लूट की है। सरकारी और निजी कंपनियां शुद्ध पेट्रोल और डीजल की बिक्री करती हैं लेकिन शुद्ध तेल का आयात नहीं करती हैं। केवल कच्चे तेल का आयात करती हैं। अपने देश में कच्चे तेल निकालने के कुएं हैं। मोदी सरकार ने कई कुएं अदानी-अंबानी और अन्य बड़े उद्योजकों को दिए हैं। आयात नहीं किए हुए तेल के लिए टैक्स लगाया जाता है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। केंद्र सरकार की इस नीति को बदलने के लिए संघर्ष करना जरूरी है। इसलिए माकपा ने केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ आंदोलन किया। पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए टैक्स में 50 प्रतिशत कटौती की जाए। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें उनके सही उत्पादन खर्च के अनुसार ली जाए तथा 500 रुपए प्रति सिलेंडर तक कीमत कम करें, पेट्रोल-डीजल की कीमत िनर्धारण की आयात सममूल्य नीति रद्द करें और प्रत्यक्ष आयात व उत्पादन-वितरण खर्च इस सूत्र के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमत लागू करने आदि मांगें आंदोलन के दौरान की गई।
यह संगठन हुए शामिल
राज्य स्तरीय पेट्रोल-डीजल और गैस खरीदी बिक्री बंद सत्याग्रह आंदोलन में विविध संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय किसान सभा, लालबावटा खेतिहर मजदूर यूनियन, जनवादी महिला संगठन, एसएफआई, डीवाईएफआई ने आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार की लूट वाली नीति का निषेध किया।
Created On :   28 April 2022 2:34 PM IST