उपमुख्यमंत्री का फैसला: नागपुर शहर में विकास कार्य शुल्क बढ़ोत्तरी आखिर रद्द

November 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर शहर में निर्माण कार्य की अनुमति के लिए विकास शुल्क में 100 प्रतिशत बढ़ोतरी करने संबंधी स्थानीय प्रशासन का फैसला रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इससे आम नागरिकों, बिल्डर और निर्माण कार्य करने के लिए इच्छुक संस्थानों को राहत मिल सकेगी। सोमवार को राज्य अतिथिगृह सह्याद्रि में हुई बैठक में भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने उपमुख्यमंत्री के समक्ष विकास शुल्क बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री ने प्रशासन को संबंधित फैसले को रद्द करने का आदेश दिया है। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर यह जानकारी दी गई।

प्रशासनिक स्तर पर वसूली हो रही थी
नागपुर मनपा सदन की मंजूरी न होने के बावजूद प्रशासन के स्तर पर विकास शुल्क में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया था। पहले यह विकास शुल्क आवासी निर्माण कार्य के लिए 2 प्रतिशत और वाणिज्यिक निर्माण कार्य के लिए 4 प्रतिशत वसूल किया जाता था, पर निर्माण कार्य की अनुमति के लिए एमआरटीपी कानून के तहत विकास शुल्क में साल 2020 में अचानक 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई थी। इस बढ़े हुए शुल्क को 2016 से ही वसूल करने को कहा गया था। 22 जुलाई 2021 को नागपुर मनपा में तत्कालीन सत्तारुढ़ दल के नेता अविनाश ठाकरे ने मनपा सदन में दर बढ़ोतरी के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर इसे रद्द करने का प्रस्ताव पारित कराया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर बढ़े दर से वसूली शुरू थी। तत्कालीन मनपा आयुक्त ने इस प्रस्ताव को विघटित करने के लिए राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजा था। इस शुल्क वृद्धि के खिलाफ विधायक प्रवीण दटके ने उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी। उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक में प्रवीण दटके ने यह मुद्दा उठाया था। फडणवीस ने यह निर्णय रद्द करने के आदेश प्रशासन को दिए हैं।