दैनिक भास्कर हिंदी: व्यापमं स्कैम : शिवराज-उमा के खिलाफ दिग्विजय ने भोपाल अदालत में दायर किया मुकदमा

September 19th, 2018

हाईलाइट

  • दिग्विजय सिंह ने भोपाल की जिला अदालत में शिवराज, उमा और इंदौर क्राइम ब्रांच के अफसर समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
  • दिग्विजय सिंह ने कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में 27000 पेज के डॉक्यूमेंट दिए हैं।
  • इस मामले की सुनवाई 22 सिंतबर को होगी।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल की जिला अदालत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती और इंदौर क्राइम ब्रांच के अफसर समेत 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दिग्विजय सिंह ने कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में 27000 पेज के डॉक्यूमेंट दिए हैं। इस मामले की सुनवाई 22 सिंतबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदम्बरम इस केस की पैरवी करेंगे।

स्पेशल कोर्ट के जज सुरेश सिंह के समक्ष दिग्विजय सिंह ने ये परिवाद प्रस्तुत किया है। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि व्यापमं मामले के आरोपी नितिन महेन्द्रा के कम्प्यूटर से मिली मूल हार्ड डिस्क में इन्दौर के पुलिस अधिकरियों- तत्कालीन आईजी विपिन माहेश्वरी, क्राइम ब्रान्च इन्दौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी और अन्य ने छेड़छाड़ की थी। दिग्विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य बड़े भाजपा नेताओं को बचाने के लिये हार्ड डिस्क से मिली एक्सेल शीट में फेरबदल किया और उसमें उल्लेखित मुख्यमंत्री का नाम और अन्य नामों को हटाया।

परिवाद में यह भी कहा गया है कि ट्रूथ लेब की रिपोर्ट सीबीआई गलत साबित नहीं कर सकी है। ट्रूथ लेब की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि एक्सेल शीट में छेड़छा़ड़ की गई है और हार्ड डिस्क से 18 जुलाई 2013 को जो फाइल रिकवर हुई थी उस फाइल की एक्सेल शीट में सीएम लिखा हुआ था जो बाद में हटाया गया है। दिग्विजय सिंह ने परिवाद में ये भी कहा है कि एसटीएफ और सीबीआई ने उपलब्ध प्रमाणों की अनदेखी करते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और कई अन्य भाजपा नेताओं को आरोपी नहीं बनाया।

कोर्ट में 22 सितंबर 2018 को इस मामले की सुनवाई की जाएगी। जज ने दिग्विजय सिंह को कोर्ट में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवाने के लिये कहा है। 

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