दैनिक भास्कर हिंदी: दिग्विजय सिंह का सीएम शिवराज को ओपन चैलेंज, कहा- सिद्ध करें करप्शन के आरोप

September 12th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को खुला चैलेंज दिया है। दिग्विजय सिंह ने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा की सीएम शिवराज मुझ पर एक भी भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध नहीं कर सकते। साथ ही दिग्विजय ने चेलेंज करते हुए कहा की मेरे 10 साल और सीएम शिवराज सिंह के 15 सालों के कामों पर जब चाहें खुले मंच पर बहस कर लें।

दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय ने कहा की शिवराज सिंह और उनके परिवार के लोग व्यापमं, रेत के अवैध उत्खनन, ई टेंडरिंग और पोषण आहार वितरण घोटाले में शामिल है। इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह के देशद्रोही के आरोप पर दिग्विजय ने कहा कि आज तक मेरे खिलाफ देशद्रोही का प्रमाण उपलब्ध नहीं करा पाए हैं जिससे सीएम शिवराज की मानसिक स्तिथि के बारे में पता चलता है।

मध्यप्रदेश में पेट्रोल डीज़ल की कीमतों में लगातार इज़ाफा हो रहा है तो वहीं राजस्थान की वसुन्धरा सरकार ने रविवार को पेट्रोल-डीजल पर चार प्रतिशत वेट कम करने की घोषणा की है। इसे लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा की राजस्थान में पेट्रोल-डीजल से वैट कम किया है। महाराष्ट्र में भी वेट कम करने पर विचार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में जनता पेट्रोल डीज़ल के दामो से परेशान है लेकिन सरकार का इस और बिलकुल भी ध्यान नहीं है।

इससे पहले दिग्विजय सिंह ने भोपाल के मानस भवन में बैठक ली। उन्होंने समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। साथ ही उनके साथ पंगत में बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान कई कार्यकर्ता अपने नेताओं को टिकट देने की मांग को लेकर दिग्विजय से बात करते नजर आये। तो वहीं बैठक को संबोधित करते हुए दिग्विजय ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि पार्टी से किसी भी नेता को टिकट मिले, लेकिन हम सबको कांग्रेस के लिये काम कर पंजे को जिताना है।

दिग्विजय सिंह समन्वय समिति के अब तक के दौरे में एक हजार से ज्यादा बड़े नेताओं जिनमें सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी और पूर्व पदाधिकारी शरीक हैं, से वन-टू-वन संवाद कर चुके हैं। इस दौरान उनका लगभग सवा लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद हुआ है। ऐसे में अब ये देखना यह होगा कि गुटों में बटी कांग्रेस सत्ता के वनवास को खत्म कर पाती है या नहीं।  

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