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शक्कर नहीं मिलने से फीकी रही दिवाली

शक्कर नहीं मिलने से फीकी रही दिवाली

डिजिटल डेस्क, नागपुर।   राज्य सरकार द्वारा दीपावली पर्व पर प्राधान्य व अंत्योदय कार्ड धारकों को रियायत दर पर एक किलो शक्कर देने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक जरूरतमंदों तक शक्कर नहीं पहुंच पाने से तमाम दावों के बावजूद गरीबों की दीपावली फीकी ही रह गई। जानकारी के अनुसार अब तक शहर में सिर्फ 15 हजार किलो ही शक्कर पहुंच पाई, जबकि कार्डधारकों के हिसाब से तकरीबन 4 लाख किलो की जरूरत है। 

शहर में 3.50 प्राधान्य व 50 हजार अंत्योदय कार्डधारक
राज्य के खाद्यान्न आपूर्ति मंंत्री छगन भुजबल ने 9 नवंबर को अन्न सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को 20 रुपए की दर से एक किलो शक्कर देने की घोषणा की थी। शहर में 3.50 लाख प्राधान्य व लगभग 50 हजार अंत्योदय कार्डधारक हैं। प्रति कार्ड 1 किलो यानी करीब 4 लाख किलो शक्कर की जरूरत है। खाद्यान्न विभाग ने इस संदर्भ में 10 नवंबर को आदेश जारी किया। 11 व 12 नवंबर को राशन दुकानदारों ने चालान जमा किए।  मंत्री महाेदय द्वारा ऐन दिवाली के करीब रहने पर घोषणा की गई थी। ऐसे में नियोजन के अभाव में सिर्फ 15 हजार किलो शक्कर ही शहर में पहुंच सकी है।

शक्कर मिलने की उम्मीद में कई लोग राशन दुकानों तक पहुंचे, लेकिन शक्कर नहीं आने का जवाब सुनकर बैरंग लौट गए। राशन दुकानदार भी कार्ड धारकों को समझाते-समझाते परेेशान हो गए। मंत्री की घोषणा पर अधिकारी भी विशेष टिप्पणी करने से बच रहे हैं। वस्तुस्थिति यह है कि इतने कम समय में सभी राशन दुकानों में शक्कर पहुंचना मुश्किल है। यह घोषणा यदि एक सप्ताह पहले की जाती तो समय रहते सभी जरूरतमंदों को शक्कर मिल सकती थी। राशन दुकानदारों का कहना है बगैर नियोजन के  सरकार ने घोषणा कर दी। अधिकारी खुद परेशान हो रहे हैं। 

अधिकारियों को जवाब देना हो रहा मुश्किल 
शहर के सभी राशन दुकानदारों ने चालान जमा किया। अब शक्कर नहीं पहुंचने से उपभोक्ता के अलावा राशन दुकानदार भी परेशान हो गए हैं। घोषणा सरकार ने करने से अधिकारी टिप्पणी करने से परहेज कर रहे हैं। बस इतना ही कह रहे है कि शीघ्र ही शक्कर पहुंच जाएगी। खाद्यान्न आपूर्ति अधिकारी अनिल सवई से संपर्क नहीं हो सका। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का जवाब एसएमएस के माध्यम से मिला। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।