दैनिक भास्कर हिंदी: दिनदहाड़े घर में घुसकर की डॉक्टर की हत्या, परिजनों को बनाया बंधक, रुपए और जेवर लूटे

June 13th, 2018

डिजिटल डेस्क  जबलपुर । भंवरताल गार्डन के सामने कृतिका अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहने वाले सीनियर डेंटिस्ट डॉ. शफतउल्ला खान 55 वर्ष के घर में घुसकर दो बदमाशों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी और लाखों रुपए लूटकर भाग निकले। घटना के समय डॉ. खान की पत्नी आयशा, बेटी सैफी और साले के 13 वर्षीय बेटे शब्बीर के अलावा दो पालतू कुत्ते भी थे, जिन्हें बदमाशों ने घर में घुसते ही अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया था।

डॉ. खान के घर में मंगलवार की शाम करीब पौने 7 से साढ़े 7 बजे के बीच हुई इस वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बेखौफ अंदाज में अपार्टमेंट के बेसमेंट में पहुंचे और वहां रखी डॉ. खान की बेटी की एक्टिवा उठाकर भाग निकले। शहर के सबसे भीड़भाड़ और पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस अफसरों के होश उड़ा दिए हैं। एसपी के साथ लगभग हर वरिष्ठ अधिकारी और कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस को अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की कुछ महत्वपूर्ण तस्वीरें और वीडियो मिले हैं, जिसके आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। 

मां-बेटी लगाती रहीं मदद की गुहार, किसी ने नहीं सुनी 
बदमाशों के जाने के बाद डॉ. खान की बेटी सैफी और पत्नी आयशा बालकनी से चीख-चीख कर लोगों से मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक लुटेरे गायब हो चुके थे।  तीसरी मंजिल से साफ आवाज नहीं आने के कारण नीचे खड़े लोग समझे कि फ्लैट में आग लग गई है। जब लोग ऊपर पहुंचे तो सच्चाई का पता चला। बस स्टैण्ड तिराहे पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था में तैनात आरक्षक महेन्द्र पटेल के पास दो युवक दौड़ते हुए पहुंचे, जिन्होंने अपार्टमेंट की तरफ इशारा करते हुए उन्हें इस घटना की  सूचना दी, महेन्द्र दौड़कर अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर पहुंचा, जिसके बाद अंदर कमरों में बंद परिजनों को मुक्त कराया और वायरलैस सेट से अफसरों को घटना की जानकारी दी।


शब्बीर के पीछे आए बदमाश 
डॉ. खान के साले का बेटा शब्बीर (13 वर्ष) उनके घर पर रहकर पढ़ाई करता है। रोज की तरह शब्बीर दोपहर  ग्वारीघाट रोड स्थित कोचिंग गया था, सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 6.48 बजे शब्बीर फ्लैट के अंदर पहुंचता है, 6.50 बजे नकाबपोश दोनों युवक धड़धड़ाते हुए फ्लैट में घुसकर दरवाजा बंद कर लेते हैं। डॉ. खान की पत्नी आयशा के अनुसार बेटी सैफी अपने कमरे में टीवी देख रही थी, वह पति के साथ सोफे पर बैठी थीं, दोनों युवकों ने चाकू जैसे बड़े-बड़े हथियार निकालकर डॉ. खान की गर्दन और सीने में अड़ाते हुए कहा कि पैसे कहां रखे हैं बताओ। इस बीच उनके पालतू कुत्ते भौंकने लगे, जिस पर बदमाशों ने उनसे कहा कि दोनों को कमरे में बंद कर दो। आयशा हड़बड़ाते हुए कुत्तों को बाथरूम में बंद कर देतीं हैं और फिर बदमाश शब्बीर के साथ उन्हें सैफी के कमरे में बंद कर देते हैं। 

यह तो पहचान गया, इसे मार दो 
आयशा ने पुलिस को बताया कि दहशत के कारण उनकी बोलती बंद हो गई थी, अंदर से वे लोग बदमाशों और डॉ. खान की बातें सुन रहीं थीं, बदमाश डॉ. खान को उनके कमरे में ले गए, जहां वे लगातार धमकाते हुए कह रहे थे कि हमें पता है तुमने बैंक से पैसे निकाले हैं हमें बताओ कहां रखे हैं। इसी बीच एक युवक चिल्लाते हुए कहता है कि हाय अल्लाह इसने तो हमें पहचान लिया। मारो और फिर डॉ. खान कुछ देर तक चीखने के बाद शांत हो गए।

शांत रहने की दे रहे थे धमकी 
बदमाश उनके दरवाजे के पास आकर लगातार धमकी दे रहे थे कि शांत रहना वरना पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। करीब आधा घंटे बाद सैफी और आयशा को जब लगा कि बदमाश चले गए हैं, तो वे दोनों बालकनी खोलकर चिल्लाने लगीं। कुछ देर बाद दरवाजा खुला तो डॉ. खान अपने कमरे में खून से लथपथ मृत पाए गए। पूरा कमरा बिखरा हुआ था और अलमारी से पैसे और जेवर गायब थे। पुलिस का कहना है कि डॉ. खान के घर से 10 हजार रुपए और पत्नी के जेवर गायब मिले हैं। 

बैंक से मिलना था लोन का पैसा 
सूत्रों के अनुसार डॉ. खान ने कुछ समय पहले एक बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। जिसका पैसा उन्हें मिलने वाला था, पिछले दो दिन से वह लगातार बैंक जा रहे थे। लेकिन उन्हें बैंक से पैसा नहीं मिल पाया था। बदमाशों ने हाथ की दोनों नसें काट दी थीं, गर्दन और सीने में 7-8 घाव किए थे। हमलावरों ने डॉ. खान के दोनों हाथों की नसें काट दीं थीं। गर्दन से सीने के बीच 7-8 घाव भी थे। 

कपड़े बदलने के बाद घर से निकले 
अपार्टमेंट में लगे कैमरों में मिले फुटेज से पता चला कि आरोपी जब घर में घुसे थे, तब वे शर्ट पहने थे, लेकिन जब लौटे तो दोनों टी-शर्ट में थे। लौटते समय के फुटेज में एक युवक चश्मा लगाए दिखा, दोनों रूमाल से चेहरा बांधे हुए थे और उनकी पीठ में स्टूडेंट्स की तरह बैग थे। जाते-जाते वे सफारी की चाबी के साथ एक्टिवा भी ले गए।