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 8 साल में खूब माया बंटोरी डॉ. गंटावार दंपति ने, 2.52 करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक

 8 साल में खूब माया बंटोरी डॉ. गंटावार दंपति ने, 2.52 करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा के अतिरिक्त स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण मधुकर गंटावार (48) और उनकी पत्नी डॉ. शीलू गंटावार (45) के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।  एसीबी की टीमों ने गंटावार के आवास और कार्यालय दोनों जगह तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों की मानें तो 8 साल में 2.52 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है। करीब 5 वर्ष से जांच चल रही थी। जांच अधिकारी बदलते गए और मामला ठंडे बस्ते में जाता रहा था। मामला अब जाकर दर्ज हुआ।

शासकीय पद के दुरुपयोग का आरोप
वर्ष 2014 में एसीबी को डॉ. गंटावार दंपति के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया था कि डॉक्टर दंपति ने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है। वर्ष 2007 से महानगर पालिका के गांधीनगर स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में डॉ. प्रवीण गंटावार कार्यरत हैं। डॉ. प्रवीण की पत्नी डॉ. शीलू गंटावार भी वैद्यकीय अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 

2007 से 2015 तक की कमाई पर नजर
2007 से 2015 के बीच डॉ. प्रवीण की अर्जित संपत्ति की जांच की गई। इसमें आय-व्यय के अलावा निवेश के भी दस्तावेज खंगाले गए। आयकर विभाग, इंदिरा गांधी अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल अस्पताल, सभी बैंक, दुय्यम निबंधक कार्यालय और जीवन बीमा निगम आदि संस्थानों से अधिकृत जानकारी जुटाई गई। अब एसीबी ने मामला दर्ज कर तलाशी शुरू कर दी है। आरोप है कि डॉ. प्रवीण और डॉ. शीलू ने शासकीय पद का दुरुपयोग कर 8 साल में आय से अधिक 2.52 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जुटाई। बुधवार को एसीबी ने सीताबर्डी थाने में दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद एसीबी की 3 टीमों ने गंटावार के आवास फॉर्च्यून रेसीडेंसी, रामदासपेठ और कार्यालय की तलाशी शुरू कर दी। बुधवार देर रात तक छानबीन जारी थी। एसीबी की अधीक्षक रश्मि नांदेड़कर और अतिरिक्त अधीक्षक राजेश दुद्दलवार के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक मोनाली चौधरी प्रकरण की जांच कर रही हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।