दैनिक भास्कर हिंदी: आसमान में छाए बादल और जमकर बरसे मेघा, छत गिरने से टॉकीज में मची भगदड़

September 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रविवार सुबह से आसमान में बदली छाई रही। दोपहर बाद जमकर बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जल भराव हो गया। जबकि शनिवार शाम को हुई तेज बारिश से जगह-जगह सड़कों पर पानी भर गया, जिससे रास्ते जाम हो गए। इससे यातायात का बुरा हाल हुआ। कई घरों में पानी घुस गया जगह-जगह पेड़ धराशायी हो गए। शाम को बाजारों की रौनक गायब हो गई आैर रात के तापमान में भारी गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार मानसून शहर में पहुंच चुका है। सही मायने में यह मानसून की पहली बारिश है। मूसलाधार बारिश से सड़कें जाम हो गईं। कई जगह सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया।

भारी बारिश के चलते लोग जहां थे, वहीं रुकने को मजबूर हो गए। तेज बारिश से शाम को बाजार खाली-खाली नजर आए। चारोतरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। नार्थ अंबाझरी रोड यशवंत नगर व चंदन नगर में कई घरों में पानी घुस गया। निचले इलाकों में घुटने तक पानी जमा हो गया। वर्धा रोड, प्रताप नगर, मानेवाड़ा रोड, सोमलवाड़ा, बांग्लादेश, समता नगर में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को भारी दिक्कतें हुईं। नेहरू नगर जोन के तहत कबीर नगर में पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे बिजली गुल हाे गई। एसएनडीएल ने एहतियात के तौर पर इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी।

सड़क पर तालाब जैसा दृश्य
तेज बारिश से कई जगह तालाब जैसा दृश्य बन गया। बारिश से रात के तापमान में गिरावट आई। रात को मौसम ठंडा हो गया। रात 8.30 बजे तक 55.6 मिमि बारिश दर्ज की गई। शनिवार को नागपुर का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को भी तापमान में इसी तरह की गिरावट रह सकती है। दमकल के सूत्रों ने बताया कि तेज बारिश के चलते कई जगह रास्ते पर पानी जमा हाे गया। रात तक पानी की निकासी की व्यवस्था जारी रही। रास्ते पर गिरे पेड़ों को हटा कर यातायात पूर्ववत किया गया। लोग घरों में घुसे पानी को मोटर लगाकर निकालने की कवायद करते रहे। जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

बारिश का पानी घरों में घुसने से अनाज बर्बाद
झमाझम बारिश से कई इलाकों में पानी घरों में घुसने से अनाज की बर्बादी होने की खबरें हैं। लाखों के नुकसान का दावा किया गया है। हालातों को देखते हुए विधायक प्रकाश गजभिये ने अनेक इलाकों में भेंट दी। पांढराबोड़ी, हिलटॉप, सेवानगर, सुदामनगरी, भिवसनखोरी, हजारी पहाड़ समेत अनेक इलाकों में वे पहुंचे। नागरिकों से मिलकर उनकी समस्या जानी। बारिश के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्लम बस्तियों में घुटने तक पानी भर गया। लोगों के अनाज की बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई है। गजभिये ने मनपा सत्तापक्ष-प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए नागरिकों की नुकसान भरपाई मनपा को देने की मांग की है।

शो के समय पंचशील टॉकीज में भगदड़
जोरदार बारिश ने जन-जीवन बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। इससे टॉकीज भी अछूता नहीं रहा। पंचशील टॉकीज में शाम 6.30 बजे  रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ शुरू थी। भारी बारिश के कारण रात 8.30 बजे  पंचशील टॉकीज की छत पर पानी जमा हो गया। पानी निकासी की जगह ब्लॉक होने से पानी दीवार और आउटलेट के जरिये टॉकीज में घुस गया। इस दौरान पीओपी का टुकड़ा एक महिला पर गिर गया। ऐसे में महिला चीख उठी। लोगों को संदेह हुआ कि छत का कुछ हिस्सा  गिर गया है, जिससे पानी अंदर घुस रहा है। ऐसे में भगदड़ मच गई। थियेटर मालिक को जैसे ही इसकी जानकारी मिली। तुरंत फिल्म रुकवा दी गई और सारे दरवाजे खोल दिए गए। दर्शकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। थियेटर प्रशासन की ओर से राजन लहरिया ने कहा कि सभी दर्शक सुरक्षित हैं। उन्हें टिकट की राशि लौटा दी गई है। किसी तरह की छत नहीं गिरी और न कोई हादसा हुआ। थियेटर में पानी घुसने से लोग डर गए थे। फिलहाल रात के 9 बजे का शो भी बंद रखा गया है। सारी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के बाद अगला शो शुरू किया जाएगा।