दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर ईडी की कार्रवाई, 4.20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की

July 16th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके परिवार की 4.20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत भ्रष्टाचार के एक मामले में ये संपत्ति कुर्क की गई है।

ईडी ने कहा, वर्ली, मुंबई में स्थित 1.54 करोड़ रुपये का एक रेसिडेंशियल फ्लैट और 2.67 करोड़ रुपये के बुक वैल्यू के 25 लैंड पार्सल हैं, जो महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उरण के धूतुम गांव में स्थित हैं। एजेंसी ने कहा कि जांच में पाया गया है कि देशमुख ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में सेवा करते हुए, सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाज़े के माध्यम से विभिन्न ऑर्केस्ट्रा बार मालिकों से लगभग 4.70 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की। कैश में ये रुपए लिए गए। बता दें कि सचिन वाज़े को अब सेवा से निलंबित कर दिया गया है। 

ईडी के अनुसार, देशमुख के परिवार ने 4.18 करोड़ रुपए को श्री साईं शिक्षण संस्था से प्राप्त राशि दिखाकर पेश किया। जांच में ये भी पता चला है कि मुंबई के वर्ली में स्थित फ्लैट जिसे अनिल देशमुख ने खरीदा है वो उनकी पत्नी आरती देशमुख के नाम पर रजिस्टर है। 2004 में इसे कैश में खरीदा गया था, लेकिन सेल डीड  फरवरी 2020 में एक्जीक्यूट की गई है जब देशमुख गृहमंत्री के पद पर थे।

ईडी ने अपने स्टेटमेंट में ये भी कहा कि देशमुख परिवार ने ऐसेट्स समेत प्रीमियर पोर्ट लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड में 50% ओनरशिप हासिल की। एसेट्स में लैंड और शॉप है जिसकी वैल्यू करीब 5.34 करोड़ रुपये है। केवल 17.95 लाख रुपये का भुगतान करके इसे हासिल किया गया है। ये भुगतान भी काफी अंतराल के बाद किया गाय है। इससे पहले ईडी ने इस मामले में देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे को गिरफ्तार किया था।

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे जिसके बाद सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की। वित्तीय लेनदेन का मामला होने की वजह से ईडी भी इस मामले की जांच कर रहा है। हालांकि देशमुख ने आरोपों से इनकार किया है।

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