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आंदोलन भड़काने का हो रहा प्रयास, कृषि विधेयक किसानों के ही हित में : गडकरी

आंदोलन भड़काने का हो रहा प्रयास, कृषि विधेयक किसानों के ही हित में : गडकरी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। केंद्र सरकार के विरोध में किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है कि आंदोलन के नाम पर राजनीति करने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलन भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि विधेयक किसानों के हित में है, लेकिन किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। 

कांट्रैक्ट फार्मिंग के बारे में कर रहे गुमराह  
एक बयान में गडकरी ने कहा है कि कांट्रैक्ट फार्मिंग के बारे में गुमराह किया जा रहा है। किसानों की खेती का सात बारा नहीं बदलेगा, किसी की जमीन पर कोई कब्जा नहीं करेगा। आज भी बटई में खेती की जाती है। किसानों के पास बीज-खाद, दवा सिंचाई के लिए रुपए नहीं है। विदर्भ के किसान तो आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे में कोई खेत में निवेश कर किसानों को आधी भागीदारी दे तो किसानों का लाभ ही होगा। नए कानून से किसान, दलालों से बचेंगे। सरकार ने सदैव किसानों का संरक्षण किया है। कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति वर्ष बढ़ाया है। किसानों के लिए कई योजनाएं लाईं हैं। पिछले वर्ष 36 हजार करोड़ रुपए का कपास किसानों से सरकार ने खरीदा। 13 लाख करोड़ के कर्ज का प्रावधान किया है। किसानों के िहत में निर्णय लिए हैं, लेकिन आंदोलन को लेकर अलग दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को इस राजनीति को समझना चाहिए।

गरीबी व बेरोजगारी देश की बड़ी समस्याएं 
कोरोना संकट के देश की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित होने का जिक्र करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने कहा है कि देश में गरीबी व बेरोजगारी बड़ी समस्याएं हैं। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार करते हुए इन दोनों समस्याआंे को दूर किया जा सकता है। फिक्की के 93वें वार्षिक परिषद में गडकरी मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों के अलावा 115 पिछड़े हुए जिलों की जीडीपी बढ़ाने की आवश्यकता है। कृषि क्षेत्र की सकल राष्ट्रीय आय 14 से 16 प्रतिशत है। आय बढ़ाने की आवश्यकता है। कृषि क्षेत्र की जीडीपी 25  प्रतिशत तक ले जाने की आवश्यकता है।

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