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नैनीताल: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में मृत मिला हाथी का बच्चा

June 15th, 2018 11:52 IST

डिजिटल डेस्क, रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में एक हाथी के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के झिरना रेंज में हाथी का बच्चा मृत मिला। हाथी का बच्चा करीब 10 साल का था। झिरना रेंज के मछियाखान में गश्त के दौरान वनकर्मियों को हाथी के बच्चे का शव मिला। बताया जा रहा है कि ये हाथी के बच्चे का शव तीन दिन पुराना है। वहीं शव मिलते ही वनकर्मियों ने इसकी सूचना कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उच्चाधिकारियों को दी। 

हल्द्वानी से आए पशु चिकित्साधिकारी आयुष उनियाल ने बताया कि इसके जबड़े के निचले हिस्से में दो गहरे चोट के निशान हैं। चिकित्साधिकारी के मुताबिक, लगता है आपसी संघर्ष में उसकी मौत हुई है। हाथी की मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद चल पाएगा। इस दौरान पार्क के निदेशक राहुल, उपनिदेशक अमित वर्मा, सीटीआर के डा. दुष्यंत शर्मा, हल्द्वानी के डा. विमल राज आदि मौजूद थे।

मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ

उपनिदेशक अमित वर्मा ने मुताबिक, मछियाखान क्षेत्र में हाथी का शव बरामद हुआ है। मेरे अनुमान से पिछले दिनों इलाके में हुई बारिश के कारण पहाड़ से फिसलने से इस हाथी के बच्चे की मौत हुई है। यह एक नर हाथी है, इसके दांत सुरक्षित हैं। सरकारी प्रोटोकॉल के तहत इसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथी के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया। 

देश का पहला नेशनल पार्क है जिम कॉर्बेट

जिम कॉर्बेट पार्क भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क है, जिसकी स्थापना 1936 में स्थापित हुई थी। पहले इसका नाम हैली नेशनल पार्क था। इसकी दूरी नैनीताल से कालाढूंगी एवं रामनगर होते हुए 118 किलोमीटर है। कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क 521 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ, यह हिमालय की तलहटी में स्थित है। प्रशासनिक दृष्टि से पार्क कालागढ़ और रामनगर वन प्रभागों के अंतर्गत आता है। 1957 में महान प्रकृतिवादी, प्रख्यात संरक्षणवादी स्वर्गीय जिम कॉर्बेट की याद में पार्क को कॉर्बेट नेशनल पार्क के रूप में परिवर्तित किया गया। 

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rajendar badoni September 19th, 2018 17:35 IST

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।