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कोरोना पर लगाम कसने की कवायद , 5 से ज्यादा संक्रमित मिले, तो इमारत होगी सील

कोरोना पर लगाम कसने की कवायद , 5 से ज्यादा संक्रमित मिले, तो इमारत होगी सील

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोविड संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।  रोजाना 15 से 20 प्रतिशत के हिसाब से नए मरीज बढ़ रहे हैं। इन आंकड़ों ने सरकार और प्रशासन की नींद उड़ा दी है, वहीं आम नागरिक दहशत में हैं। बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।  लॉकडाउन की शुरुआती दौर में लागू किए गए नियमों को कुछ बदलाव के साथ फिर  नए सिरे से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। 19 फरवरी को मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. ने जारी किए दिशा-निर्देश अनुसार नागरिकों को नए बंधनों को सख्ती से पालन करना होगा। अब जिस इमारत या फ्लैट स्कीम में 5 से ज्यादा कोविड संक्रमित मरीज पाए जाएंगे, उन्हें सील किया जाएगा। इस तरह जिस लेन, सड़क या क्षेत्र में 20 से ज्यादा संक्रमित मरीज मिलते हैं, उसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। संबंधित जोन के सहायक आयुक्त और पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी पर इन नियमों को सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी होगी। 

कहीं भारी न पड़ जाए लापरवाही 
प्रशासन ने धीरे-धीरे नियमों को लागू कर फिर सख्ती के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। पिछले साल जब मार्च में संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था, उससे पहले इसी तरह की सख्ती की गई थी, जिसके बाद अचानक संपूर्ण लॉकडाउन किया गया था। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अगर नागरिक इसी तरह लापरवाही बरतते रहे और नियमों का पालन नहीं किया, तो उन्हें सख्त निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ेगा। 

ये भी करना होगा 
अब अंतिम संस्कार में भी पहले की तरह उपस्थिति होगी। 20 से अधिक व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे। जो उपस्थित रहेंगे, उन सभी व्यक्तियों को मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। 

जिन मरीजों को होम क्वारेंटाइन या आइसोलेशन में रखा गया है, वे घर से बाहर न निकलें। इसके लिए अब उनके बाएं हाथ पर होम क्वारेंटाइन का स्टैंप लगाया जाएगा। 

रेस्टाेरेंट, होटल, खाद्यगृह को अपनी कुल क्षमता के 50 प्रतिशत क्षमता अनुसार चालू रखने होंगे। संबंधित मालिक, व्यवस्थापक को नियमों को सख्ती से पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सहित साथ रोग अधिनियम 1897 व आपत्ति व्यवस्थापन कानून 2005, भादवि की धारा 1860 अनुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी।  

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।