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मोहन भागवत बोले- RSS का विस्तार करना जरूरी

January 21st, 2019 16:31 IST
मोहन भागवत बोले- RSS का विस्तार करना जरूरी

डिजिटल डेस्क, अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि RSS का विस्तार करना जरूरी है। वे बडनेरा रोड स्थित सिपना अभियांत्रिकी महाविद्यालय समीप 27 एकड़ के प्रांगण में विगत तीन दिनों से जारी  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवासी कार्यकर्ता शिविर के  समापन अवसर पर बोल रहे थे। शिविर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ के मौजूद 5 हजार कार्यकर्ताओं का बौद्धिक मार्गदर्शन किया। इस समय भव्य पंडाल में 5 हजार कार्यकर्ता गणवेश में मौजूद थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि भविष्य में संघ का विस्तार करना जरूरी है।

अपने आचरण से ही संघ की उन्नति होगी। संघ के बारे में कौन क्या कहता है और किस दृष्टि से देखा जाता है, इसे महत्व न दिया जाए। इस तीन दिवसीय प्रवासी कार्यकर्ता शिविर में सरसंघचालक मोहन भागवत ने किसी भी राजनीति पर चर्चा नहीं की। कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन करने के पश्चात संघ की प्रार्थना बोली गई व 27 एकड़ के क्षेत्र में ही बनाया गया मुक्तागिरी भवन में सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं के साथ भोजन किया व मौजूद 5 हजार कार्यकर्ताओं को 35 हजार तिल्ली के लड्डू सहित अंबादेवी व एकवीरा देवी के प्रसाद का वितरण किया गया। इसके पश्चात अंतिम चरण में सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ कुछ समय बैठक लेते हुए दिशा निर्देश दिए व अमरावती से गुरुकुंज मोझरी की ओर निकल गए।

गुरुकुंज आश्रम में बिताए डेढ़ घंटे 
अमरावती के कार्यकर्ता शिविर के समापन के पश्चात सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुकुंज आश्रम पहुंचे। जहां राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज की महासमाधि के दर्शन किए। कुल डेढ़ घंटे गुरुकुंज आश्रम में बिताते हुए अखिल भारतीय गुरुदेव सेवा मंडल के महासचिव जनार्दन बोथे से भागवत ने आश्रम परिसर की संपूर्ण जानकारी ली। मोहन भागवत ने ध्यान योग मंदिर में प्रवेश किया व आश्रम के परिसर की स्वच्छता की काफी सराहना की। गुरुदेव सेवा मंडल के केंद्रीय कार्यालय ने सरसंघचालक मोहन भागवत को ग्रामगीता ग्रंथ भेंट कर उनका सत्कार किया। इस समय प्रकाश महाराज वाघ, लक्ष्मण गमे, दामोधर पाटिल, एड. दिलीप कोल्हे, राजाराम बोथे, घनश्याम पिकले सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।