राकांपा नेता ने मुन्ना यादव की नियुक्ति पर उठाया सवाल  : मुख्यमंत्री रहते फडणवीस ने अपराधियों को दिया संरक्षणः मलिक

November 10th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता और राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को एक बार फिर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोला और उन पर अपने कार्यकाल में अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री रहते फडणवीस ने फर्जी नोटों के एक बड़े रैकेट को दबा दिया।  मलिक ने कहा कि मुन्ना यादव नाम का व्यक्ति जो नागपुर का कुख्यात गुंडा है। जिस पर हत्या से लेकर सभी तरह के मामले में दर्ज है। वह भय पैदा करने वाला आपका साथी है। उस मुन्ना यादव को आपने (फडणवीस) कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था या नहीं। क्या आपकी गंगा में नहाकर मुन्ना यादव पवित्र हो गया था। आपने हैदर आजम नाम के एक नेता को मौलाना आजाद कार्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया था या नहीं। क्या हैदर आजम बांग्लादेश के लोगों को मुंबई में लाकर नहीं बसाता है। हैदर आजम की दूसरी पत्नी बांग्लादेशी है। इस मामले में बंगाल की 24 परगना पुलिस ने बर्थ सर्टिफिकेट फर्जी होने की जानकारी दी जिसके बाद मुंबई की मालाड पुलिस मामला दर्ज करने जा रही थी तो मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन कर आपने मामला दबाया या नहीं। क्या आपके इशारे पर पूरे राज्य में उगाही हो रही थी या नहीं। मलिक ने सवाल किया कि वानखेडे मुंबई में 14 साल से क्यों तैनात हैं और उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। 

जाली नोट का रैकेट चलाने वालों को संरक्षण
नवाब मलिक ने कहा कि नोटबंदी के दौरान दावा किया गया कि जाली नोट का रैकेट खत्म करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इस दौरान दूसरे राज्यों में तो जाली नोट पकड़े गए लेकिन महाराष्ट्र में करीब एक साल तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। क्योंकि देंवेंद्र फडणवीस के संरक्षण में जाली नोट का खेल चल रहा था। 8 अक्टूबर 2017 को डायरेक्टर इंटेलिजेंस रेवेन्यू ने कार्रवाई करते हुए 14 करोड़ 56 लाख के जाली नोट पकड़े लेकिन उस मामले को रफा दफा करने में देवेंद्र फडणवीस ने मदद की। मामले में मुंबई में एक गिरफ्तारी हुई और पुणे से इमरान आलम शेख, रियाज शेख नाम के व्यक्तियों को पकड़ा गया। नई मुंबई से भी एक गिरफ्तारी हुई। लेकिन इसे 8 लाख 80 हजार का मामला बताकर दबा दिया गया। मामला एनआईए को नहीं सौंपा गया। जबकि इसके तार आईएसआई, पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े थे। आरोपी को कांग्रेस का नेता बताया गया जो गलत था। इस मामले के इंचार्ज भी समीर वानखेडे ही थे। मलिक ने कहा कि छह महीने बाद भाजपा ने हाजी अराफात शेख को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया। इमरान आलम शेख उनका छोटा भाई है। 

रियाज भाटी को लेकर सवाल 
मलिक ने कहा कि रियाज भाटी को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जाली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया। उस पर दाऊद इब्राहिम गैंग के साथ रिश्तों की खबरें सारे अखबारों में थी। लेकिन पकड़े जाने के दो दिन बाद ही वह कैसे छूट गया। रियाज भाटी लगातार आपके साथ सभी कार्यक्रमों में क्यों नजर आता था। वह देश के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचा और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई। मलिक ने आरोप लगाया कि फडणवीस ने भाटी के जरिए उगाही का काम कराया। ठाणे कमिश्नर के जरिए मामले दर्ज कराकर उगाही करवाई। हालांकि भाटी ने यह कह कर मलिक के दावे को झुठला दिया कि मैं भाजपा नहीं राकांपा का सदस्य हूं। उसने अपनी सदस्यता रसीद भी दिखाई। 

फडणवीस ने ट्वीट कर दिया जवाब
मलिक के आरोपों के बाद देंवेंद्र फडणवीस ने जार्ज बर्नाज शॉ का एक कथन ट्वीट किया जिसमें लिखा था कि ‘मैंने बहुत पहले सीख लिया कि किसी सुअर के साथ कुश्ती नहीं लड़नी चाहिए। आप मैले हो जाएंगे साथ ही सुअर को यह पसंद आएगा।’ वहीं भाजपा नेता आशिष शेलार ने कहा कि मलिक जिसे हाइड्रोजन बम बता रहे थे वह पटाखा भी नहीं निकला। बल्कि उन्होंने अपना हाथ जला लिया है। शेलार ने कहा कि मुन्ना यादव, हाजी हैदर और हाजी अराफात हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं और यह पता कर उन्हें पद दिया गया है कि उन पर एक भी आरोप नहीं है। मुन्ना यादव पर सिर्फ एक आरोप है वे खुद आगे आकर इसकी जानकारी देंगे। मलिक की सरकार है वे जिन पर आरोप लगा रहे हैं उन पर केस क्यों दर्ज नहीं कर पाए। शेलार ने कहा कि हाईड्रोजन बम गिराने की बात करने वाले मलिक को अब ऑक्सिजन की जरुरत पड़ेगी।