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शर्तों में फिर उलझे किसान, कर्ज लेने के पहले देनी होगी NOC

शर्तों में फिर उलझे किसान, कर्ज लेने के पहले देनी होगी NOC

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  सरकार भले ही फसल कर्ज लेते समय एनओसी या अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं देने की बात करे, लेकिन बैंक पहुंच रहे किसानों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट की मांग की जा रही है। जिले में हर तहसील व पंचायत समिति स्तर पर नागपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी (एनडीसीसी) बैंक की शाखाएं है और एनडीसीसी का रिकार्ड सिबिल में नहीं दिखाई देता। 

राज्य के कृषि मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि फसल कर्ज लेते समय किसानों से अन्य बैंकों की एनओसी या नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं मांगी जाए।  जो बैंक इस तरह के सर्टिफिकेट मांगेगी, उस पर कार्रवाई करने के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए। इधर राष्ट्रीयकृत बैंकों में फसल कर्ज लेने जा रहे किसानों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट मांगे जा रहे है। किसान जिस तहसील या पंचायत समिति क्षेत्र में रहता है, वहां एनडीसीसी बैंक की शाखाएं है। किसान एनडीसीसी बैंक से भी फसल कर्ज लेते हैं। एनडीसीसी बैंक का कर्ज किसानों के सिबिल में दिखाई नहीं देता, इसलिए जहां-जहां एनडीसीसी बैंक की शाखाएं है, वहां के किसानों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट मांगे जा रहे है। एनडीसीसी बैंक ने कर्जदार किसानों की सूची लीड बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंकों से साझा नहीं की है। 
 
गलत नहीं एनओसी की मांग
अधिकांश किसान एनडीसीसी बैंक से फसल कर्ज लेते हैं। एनडीसीसी बैंक की शाखा हर तहसील, पंचायत समिति व बड़े गांवों में है। किसान जहां रहता है, वहां अगर एनडीसीसी बैंक है, तो उसे नो ड्यूज सर्टिफिकेट देना होगा। राष्ट्रीयकृत बैंक कर्ज मांगने वालों का सिबिल देखती है, लेकिन एनडीसीसी बैंक से कर्ज लिया तो भी सिबिल में नहीं दिखता, इसलिए राष्ट्रीयकृत बैंक सर्टिफिकेट मांगती है। एनडीसीसी बैंक अगर उनके कर्जदाता किसानों की सूची दे, तो फिर सर्टिफिकेट मांगना बंद हो सकता है। 
-विजयसिंह बैस, प्रबंधक, जिला अग्रणी बैंक नागपुर

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।