दैनिक भास्कर हिंदी: Farmers Protest day 73: अन्नदाता के शांतिपूर्ण सत्याग्रह को मिला राजनेताओं का साथ,  कभी बीजेपी की समर्थक रही शिअद ने कही ये बात  

February 6th, 2021

डिजिटल डेस्क ( भोपाल)।  कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है, ऐसे में किसानों ने आज देश भर में चक्का जाम किया गया। हालांकि, गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों के लिए आज का दिन सामान्य दिनों की तरह ही लग रहा है, लेकिन पुलिस की तरफ से बॉर्डर पर सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। देशभर में हजारों जगहें किसानों ने चक्काजाम किया और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन जारी है। 

दरअसल, गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा के बाद से पुलिस प्रशासन किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता, यही कारण है कि पुलिस किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़ी हई है। पुलिस बार-बार ड्रोन से बॉर्डर पर निगाह बनाए हुई है। पुलिस के आला अधिकारी भी बॉर्डर पर पहुंच स्थिति का जायजा ले रहे हैं। दूसरी ओर किसान हर दिन की तरह बॉर्डर पर सामान्य रूप से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसी तरह की कोई गतिविधि न तो किसान नेताओं की तरफ से की जा रही है और न ही प्रदर्शन में शामिल होने आए अन्य किसानों की तरफ से।

बॉर्डर पर बैठे किसानों की तरफ से तैनात किए गए वालंटियर सुबह से ही स्थिति बनाए रखने में लोगों की मदद कर रहै हैं। इन सभी लोगों ने पुलिस की बैरिकेड से 100 मीटर पहले अपनी बैरिकेड लगा रखी है, ताकि किसी सामान्य व्यक्ति को आगे न बढ़ने दिया जाए।

कभी बीजेपी के साथ गठबंधन में रही शिअद ने जताया विरोध... 

वहीं, पंजाब में बीजेपी के साथ गठबंधन में रही शिअद के नेता और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को कहना चाहूंगा कि देश की आवाज़, देश के किसानों की बात सुननी चाहिए और जल्दी ही ये 3 कानूनों को रद्द करना चाहिए'। 

दूसरी तरफ, पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के लिए कहा कि, 'कैप्टन साहब का फर्ज बनता है कि वो दिल्ली जाकर बेकसूर नौजवानों को बाहर निकालें और उनके खिलाफ हुए केसों को बंद करें जिससे 200-300 नौजवानों की ज़िंदगी खराब ना हो। 26 जनवरी से उन नौजवानों को बंद करके रखा है, लाल किले के थाने पर एक भी एफआईआर हुई है? । 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है- ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन!'

 

 

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