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कोरोना का डर : मां से बिछड़े शावक को 14 दिन क्वारेंटाइन में रखा

कोरोना का डर : मां से बिछड़े शावक को 14 दिन क्वारेंटाइन में रखा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अपनी मां से बिछड़े शावक का एक बेहद रोचक मामला सामने आया है। 24 अप्रैल को 3-4 महीने का यह शावक चंद्रपुर जिले के दाबगांव के पास मिला था। इसे चंद्रपुर स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में भेजा गया। वन विभाग के अधिकारियों ने कोरोना की आशंका के चलते इसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन भी कर दिया था। जब कोई लक्षण सामने नहीं आया, तो इसे मां के पास वापस भेजने की बात आई। लेकिन संकट यह था कि उसे किसके पास भेजा जाए। गलत जगह भेजने पर शावक की जान जाने का भी खतरा था। हम यहां बात कर रहे हैं बाघ के नन्हें शावक की। पूरी तरह स्वस्थ यह शावक अपनी मां के पास चला जाए, वन विभाग इसकी कवायद में जुटा है। 

दरअसल जिस वन क्षेत्र से इसे पकड़ा गया है, वहां दो बाघिनें घूम रही हैं। अगर इसे गलत बाघिन के पास भेज दिया गया तो डर है कि वह इसे मार भी सकती है। इस समस्या के निदान के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों बाघिनों के अपशिष्ट के नमूने डीएनए जांच के लिए हैदराबाद की सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) को भेजा है। चंद्रपुर के विभागीय वनाधिकारी एएल सोनकुसरे ने बताया कि सुशी (दाबगांव) इलाके में दो बाघिन घूम रही हैं। इनमें से कौन-सी बाघिन इस शावक की मां है, यह पता लगाना जरूरी है। दो-तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद ही शावक को उसकी मां के पास छोड़ा जाएगा।  ट्रांजिट सेंटर  से करीब 7-8 किमी की दूरी पर ही दोनों बाघिन घूम रही हैं। बाघिनों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने एनजी-प्रतिनिधि, ग्रामीणों को मिलाकर चार टीम तैयार की हैं। जंगल में 29 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।

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