दैनिक भास्कर हिंदी: IRTC रेल टिकट रद्द करने पर वसूल रहा शुल्क

April 18th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई।   रेलवे ने भले ही लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने के बाद यात्रियों को टिकट रद्द कर पूरी राशि लौटने का निर्णय लिया है लेकिन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन(आईआरसीटीसी) ऑनलाइन रद्द होने वाली टिकटों पर सुविधा शुल्क यानि सर्विस चार्ज वसूल रहा है। 14 अप्रैल को रेलवे ने टिकट रद्द कर पूरी राशि लौटने व सभी यात्री ट्रेनों की बुकिंग बंद करने का निर्णय लिया था।

मिली जानकारी के मुताबिक कुल किराए की 30 प्रतिशत राशि वातानुकूलित (एसी) व स्लीपर क्लास की टिकट पर 15 प्रतिशत राशि इस शुल्क के रुप में ली जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक14 अप्रैल से 3 मई तक बढ़े लॉकडाउन के चलते करीब 39 लाख टिकट रद्द होने वाले हैं।डोंबिवली निवासी महेश द्विवेदी ने रत्नागिरी एक्सप्रेस में एसी की दो टिकट बुक की थी लेकिन टिकट रद्द होने के बाद पूरे किराए की राशि उनके बैंक खाते में नहीं आयी उसमें सुविधा शुल्क की कटौती की गई थी। जिससे वे हैरान हैं। आखिर यह शुल्क क्यों लिया जा रहा है। ऐसी ही शिकायत मीरारोड इलाके में रहने वाली कनुप्रिया सिंह की है। जिन्होंने अपने भाई के साथ जबलपुर जाने के लिए गरीबरथ का एसी टिकट बुक किया था। 

नाम न छापने की शर्त पर आईआरसीटीसी के अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने यात्रियों को कहीं से भी ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा दी है। इस सुविधा को व्यवस्थित रखने में रोजाना 32 लाख रुपए का खर्च आता है। सालाना यह खर्च 125 करोड़ रुपये आता है। इसलिए सुविधाशुल्क के रुप मे मामूली कटौती की जा रही है। आईआरसीटीसी के प्रवक्ता ने भी सुविधा शुल्क को काटे जाने को न्यायसंगत ठहराया है। उनके मुताबिक यह बेहद सामान्य कटौती है। पर यात्रियों को यह अनुचित लग रहा है। एक यात्री के मुताबिक रेलवे को लॉकडाउन की अवधि में सिर्फ सुविधाशुल्क के नाम पर सात करोड़ रुपए से अधिक मिलेंगे। 


 

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