दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में कुंवारा भीमसेन के निकट 2500 एकड़ जमीन पर बनाई जाएगी फिल्म सिटी

October 15th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जल्द ही नागपुर में वर्ल्ड क्लास लेवल की फिल्म सिटी बनने जा रही है। ये फिल्म सिटी 2500 एकड़ जमीन पर बनाई जाएगी और कुंवारा भीमसेन के निकट ही होगी। ये शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है। बता दें कि इसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पालकमंत्री चंद्रशेखर बाबनकुले ने इसकी घोषणा की थी जो साकार होते नजर आ रही है। ऑरेंज सिटी में जल्द ही कुंवारा भीमसेन के पास फिल्म सिटी का निर्माण होगा।

फिल्म मेकर सैराट के निर्देशक नागराज मुंडले और पालक मंत्री ने किया विजिट

हाल ही में फिल्म मेकर सैराट के निर्देशक नागराज मुंडले और पालकमंत्री ने कुंवारा भीमसेन में विजिट किया है ताकि फिल्म सिटी बनने में मदद हो सके। वहीं सूत्रों के मुताबिक निर्देशक नागराज मुंडले नवंबर में झुंड मूवी की शूटिंग करने नागपुर आ रहे हैं। वहीं ये भी कहा जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग के कुछ हिस्से फिल्म सिटी में शूट हो सकते हैं।

नागपुर की लोकेशन लुभा रहीं फिल्ममेकर्स को
वरिष्ठ थिएटर कलाकार प्रियंका ठाकुर का कहना है, पिछले कुछ महीनों से रियल स्टोरी फिल्म शूट करने के लिए नागपुर आसपास की पहली पसंद बना हुआ है। हिंदी फिल्में हों या इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल के लिए बनने वालीं फिल्में। नागपुर के खूबसूरत लोकेशन्स में शूटिंग दिनों-दिन नागपुर में पॉपुलर होती जा रही है। इसकी शुरुआत तो शॉर्ट फिल्मों से ही हुई थी जिनमें खूबसूरत लोकेशन्स में नागपुर से बाहर के निर्देशक भी दिलचस्पी ले रहे हैं। नागपुर में दिनों दिन जिस तरह से फिल्मों की शूटिंग हो रही है। उससे नागपुर को कई फायदे होंगे।

निजी क्षेत्र के सहयोग से सिने टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है
अनिल सहाने प्रोडक्शन की अनिल सहाने कहती हैं, स्थानीय कला व कलाकारों के पक्ष को मजबूत करने के लक्ष्य भी तय हो रहे हैं। फिल्म शूटिंग को केवल नजारों तक सीमित न करते हुए इसके साथ प्रदेश पर्यटन व कला के प्रसार का माध्यम बनाया जा रहा है। फिल्मांकन की दृष्टि से उपलब्ध सुविधाओं ने शहर को सिने जगत का सरताज बन सकता है।  बोटानिकल गार्डन, मनोरंजन या वाटर पार्क, संगीतमय फव्वारों तथा सैरगाहों के विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप से शूटिंग के लिए लोकेशन बढ़ती जाएगी।

नागपुर में बेहतरीन लोकेशन हैं
नागपुर में फिल्म निर्माण की बेहतर सुविधाएं और सब्सिडी मिले तो सिनेमा का विकास हो सकता है। इसके अलावा वे जनता में भी अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता के अभाव पर चिंता जताते हैं। सबसे बड़ा काम सरकार को करना है। नागपुर में बेहतरीन लोकेशन हैं, लेकिन इनका कोई लाभ नहीं मिलता। प्रदेश सरकार को नागपुर में भी फिल्म सिटी बनानी चाहिए। बाहरी फिल्म मेकर्स को बुलाया जाए और कुछ सब्सिडी दी जाए। इससे संतरानगरी  की लोकेशन को देश-दुनिया जानेंगे।

रोजगार बढ़ेगा

नागपुर में कई फिल्मों की शूटिंग होती हैं। यहीं कई फिल्में बनती हैं। इससे कई कलाकारों और फिल्म संबधित निर्माण कार्य होने से कई स्थानीय लोगों को मौका मिलेगा। मुबंई जाने की अाश्यकता नहीं होगी। यहीं फिल्म सिटी न होने से लोगों को मुंबई का रूख करना पड़ता है।

शहर में टैलेंट की कमी नहीं
शहर में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन संसाधनों के अभाव में हमें शॉर्ट फिल्म बनाकर काम चलाना पड़ रहा है। यहां तकनीक इक्पिमेंट की कमी है। इसकी वजह से लोकल कलाकार, निर्देशक और निर्माता भी फिल्मों में पैसा लगाने से डरते हैं। सिटी में बहुत टैलेंट है। लेकिन उन्हें प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है। कई बार फिल्म सिटी बनाने के बारे बातें होती हैं लेकिन अभी तक ये कल्पना ही है।