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 मृतक शिशुओं के परिवार को पांच लाख की मदद -  स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे

 मृतक शिशुओं के परिवार को पांच लाख की मदद -  स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे

डिजिटल डेस्क, भंडारा।  जिला अस्पताल के शिशु केअर यूनिट में लगी आग के कारण नवजात शिशुओं की हुई मौत की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अपने जिगर के टुकड़े को इस हादसे में खोने वाले परिवार के इस दुख में सहभागी होने के संवेदना स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने व्यक्त किए।   घटना में मृत नवजात शिशुओं के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता निधि से पांच-पांच लाख रूपये दिए जाने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री टोपे द्वारा दी गई।  उन्होंने कहा कि घटना की गहराई से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  र इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटे इसे लेकर सर्तकता बरती जाएगी। 

रिपोर्ट के बाद दोषियों पर करेंगे कार्रवाई - वडेट्टीवार
घटना का जायजा लेने पहुंचे राज्य सरकार के मदद व पुनवर्सन मंत्री विजय वडवेट्टीवार ने बताया कि उन्होंने घटना को लेकर जिला चिकित्सक डॉ. प्रमोद खंडाते से चर्चा की। सीएस खंडाते ने बताया कि इमारत को अत्याधुनिक अग्निशमन दल लगाने हेतु 8 मई 2020 को राज्य शासन को 1 करोड़ 52 लाख का प्रस्ताव भेजा था। जिसे शासन द्वारा मंजूरी नही दी गई। वडवेट्टीवार ने कहा कि प्रस्ताव किस कारण से मंजूर नही किया गया। इसकी जांच की जायेगी। 

आग प्रतिबंधक प्रस्ताव को मंजूरी मिलती तो घटना नही होती - फडणवीस
जिला अस्पताल पहुंचे विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने दस शिशुओं की मौत के लिए राज्य शासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आग प्रतिबंधक उपाय योजना नहीं थी। इससे जुडा प्रस्ताव 8 मई 2020 को मंत्रालय स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर सह संचालक स्वास्थ्य सेवा द्वारा किसी भी तरह का निर्णय नही लिया गया। यह निर्णय योग्य समय पर हुआ होता तो यह भयावह घटना नहीं होती।

पांच दिनों से हो रहा था शार्ट सर्किट, नही ली सुध-  पूर्व विधायक चरण वाघमारे  
जिला अस्पताल में दाखिल परिजन पांच दिनों से लाइट ड्रिप होने की शिकायत दे रहे थे। किंतु इस शिकायत की अनदेखी की गई। उस समय सुध ली होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।