दैनिक भास्कर हिंदी: मध्य प्रदेश: बाघ को जहर देकर मारने के आरोप में वन विभाग की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया

August 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, भोपाल। महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश वन विभाग की टीम ने बैतूल जिले से बाघ को जहर देकर मारने के आरोप में तीन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बाघ के चार नाखून और खाल भी बरामद की गई है। बैतूल वन वृत्त के मुलताई वन परीक्षेत्र अधिकारी अशोक रहांगडाले ने बताया कि बाघ के शिकार के मामले में एक पांढुर्ना और दो आरोपी मुलताई वन अनुभाग के आठनेर क्षेत्र के निवासी पकड़े गए हैं। जांच दल ने बाघ के चार नाखून और खाल को बरामद कर लिया है। बाघ की खाल और नाखून को फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया है।

मुलताई वन परीक्षेत्र अधिकारी रहांगडाले एवं पांढुर्णा वन परीक्षेत्र अधिकारी दीपक चौधरी के अनुसार वन ग्राम छिंदवाड़ में बाघ को जहर देकर मारा गया था, जिसके पंजे और खाल को आरोपियों का मामा मोतीलाल सलामे नागपुर में बेचने का प्रयास कर रहा था। नागपुर वन विभाग पांढुर्ना के ग्राम बिछुआ सहानी में मोतीलाल सलामे को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि सलामे के खेत से बाघ की खाल एवं बाघ के पंजे बरामद किए गए हैं, और उसकी निशानदेही पर आठनेर क्षेत्र के वन ग्राम छिंदवाड़ से रामदेव मर्सकोले एवं रामभाऊ मर्सकोले को बाघ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों ने वन विभाग के अधिकारियों केा पूछताछ में बताया कि बाघ की प्रवृत्ति होती है कि वह शिकार करने के बाद दूसरी बार अपने शिकार को खाने जरूर आता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बाघ जब शिकार कर लौटा तो आरोपी रामदेव मर्सकोले एवं रामभाऊ मर्सकोले ने मृत जानवर पर जहरीला पदार्थ डाल दिया। बाघ ने जब गाय का जहरीला मांस खाया तो उसकी मौत हो गई। उसके बाद आरोपियों ने बाघ को गड्ढे में गाड़ दिया बाद में जिसकी खाल एवं पंजे निकाल लिए जो पांढुर्ना से बरामद किए गए हैं।

बैतूल वन वृत्त के मुलताई वन परीक्षेत्र अधिकारी अशोक रहांगडाले ने बताया कि महाराष्ट्र वन विभाग की टीम संपूर्ण मामले की जांच कर रही है। मुलताई एवं पांढुरना वन विभाग का अमला जांच में सहयोग कर रहा है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बरामद खाल एवं पंजों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।

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