दैनिक भास्कर हिंदी: अमरावती में हुआ चौथा किडनी ट्रान्सप्लांट, मां ने बचाई बेटे की जान

October 11th, 2018

डिजिटल डेस्क,अमरावती। विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल (सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल) में चौथा किडनी ट्रान्सप्लान्ट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके पूर्व भी तीनों ट्रान्सप्लांट सफल हो चुके हैं। अमरावती के सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में एक मां ने अपने 31 वर्षीय बेटे को अपनी किडनी देकर जीवनदान दिया। सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की देखरेख में किडनी ट्रान्सप्लाट ऑपरेशन हुआ। यह ऑपरेशन दोपहर 1.30 बजे तक शुरू था। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली ट्रान्सप्लान्ट शल्यक्रिया सफल हुई। दर्यापुर तहसील के कोलंबी गांव के 31 वर्षीय युवक सचिन गोवर्धन घाटे पिछले एक वर्ष से किडनी की बीमारी से परेशान था।

जिला सामान्य अस्पताल के जिला शल्य चिकित्सक डा. श्यामसुंदर निकम, विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल के चिकित्सकीय अधीक्षक व विशेष कार्य अधिकारी डा. टी. बी. भिलावेकर के मार्गदर्शन में नेफ्रोलॉजिस्ट डा. अविनाश चौधरी से इलाज करवा रहे सचिन घाटे को किडनी ट्रान्सप्लान्ट करने संदर्भ में मार्गदर्शन किया गया। मरीज की मां विमल गोवर्धन घाटे किडनी दान करने योग्य होने की बात विविध मेडिकल जांच के बाद सामने आयी। राज्य प्राधिकार समिति यवतमाल के अधिष्ठाता डा. मनीष श्रीगीरीवार, समिति अध्यक्ष डा. स्नेहल कुलकर्णी, स्वास्थ्य उपसंचालक अकोला के डा.आर.एस. फारूकी इस समिति की मंजूरी के बाद विभागीय संदर्भ सेवा रुग्णालय अमरावती में चौथा किडनी ट्रान्सप्लान्ट सफलतापूर्वक किया गया। 

इस ट्रान्सप्लान्ट शल्यक्रिया के लिए नागपुर के किडनी ट्रान्सप्लान्ट विशेषज्ञ, यूरोलॉजिस्ट डा.संजय कोलते, एनिस्थेशिया विशेषज्ञ डा.भाऊ राजुरकर उपस्थित थे। इस अस्पताल के विशेषज्ञ युरोसर्जन डा.राहुल पोटोडे, डा.विक्रम देशमुख, डा.विशाल बाहेकर, डा.राहुल घुले, नेफ्रोलॉजिस्ट डा.अविनाश चौधरी, डा.निखिल बडनेरकर, डा.विक्रम कोकाटे, डा.सौरभ लांडे, डा.राजेश कस्तुरे, डा.रामप्रसाद चव्हाण, डा.प्रणित घोनमाडे ने काम देखा। सभी कानूनी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए किडनी ट्रान्सप्लान्ट को-ऑर्डिनेटर डा.सोनाली चौधरी व अधीक्षक नवनाथ सरवटे, सतीश बडनेरकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

उसी प्रकार यवतमाल मेडिकल कॉलेज की डा. मिनल चव्हाण, प्रकाश येणकर तथा अमरावती की अधिसेविका माला सुरपाम, प्रतिभा अंबाडकर, नीता श्रीखंडे, ज्योति तायडे, मनीषा कांबले, दुर्गा घोडिले, ज्योति काले, रितु बैस, आईसीयू स्टाफ के आशा गडवार, अलका मोहोड, भारती घुसे, जमुना मावस्कर, शुभांगी टिंगने, नम्रता दामले ने काम संभाला। किडनी ट्रान्सप्लान्ट सफल होने के लिए विशेषत: डा.कल्पना भागवत, अशोक किनवटकर, अमोल वाडेकर, विनोद पाटील, प्रफुल्ल निमकर तथा अस्पताल के सभी डाक्टर्स, नर्स, तकनीकी कर्मचारी, कार्यालयीन कर्मचारी व चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों का सहयोग प्राप्त हुआ।

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