comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

झांसा देकर लेलिए कागजात,बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा

झांसा देकर लेलिए कागजात,बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी झेल रहे भोले-भाले लोगों के बैंक खाते में 2-2 हजार रुपए डालने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। खाते में रकम डालने का लालच देकर लोगों से जरूरी दस्तवेज लिए गए। इसके बाद हीराे फाइनेंस कंपनी के एजेंट के साथ मिलकर 2 लोगों ने दूसरों के नाम पर लोन लेकर दर्जनों वाहन खरीद लिए। इन वाहनों को 25-30 हजार रुपए में बेच भी डाला। फाइनेंस कंपनी के पास किस्त जमा नहीं हुई। कंपनी के प्रतिनिधियों ने फाइनेंस कराने वालों का दरवाजा खटखटाना शुरू किया तो मामला खुला। ऐसा ही कुछ नया पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले रनाला निवासी ललित गजानन बिरोले (35) के साथ भी हुआ। इनके नाम पर भी दोपहिया वाहन फाइनेंस कराया गया है।

8 नवंबर को किस्त के लिए जब फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि पहुंचा तो वह आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने 9 नवंबर को पुलिस से शिकायत की। इसके बाद हीरो फाइनेंस कंपनी के एजेंट मो. तनवीर अख्तर (30) भाजीमंडी, कामठी, जीशान खान इब्राहिम खान (28) येरखेड़ा और उमैरुद्दीन फैजुद्दीन अंसारी (30) कामगार नगर, कामठी निवासी को गिरफ्तार किया गया। तीनों का 20 नवंबर तक पुलिस रिमांड मिला है। इनसे 24 दोपहिया वाहन जब्त कर लगभग 14 लाख 40 हजार रुपए का माल जब्त किया गया है।

आर्थिक तंगी झेल रहे लोगों को शिकार बनाया
कोरोनाकाल में बड़ी आबादी आर्थिक तंगी झेल रही थी। इसी का फायदा मो. तनवीर अख्तर, जीशान खान इब्राहिम खान (28) येरखेड़ा और उमैरुद्दीन फैजुद्दीन अंसारी ने उठाया। उमैरुद्दीन फैजुद्दीन अंसारी ने 2-2 हजार रुपए खाते में डालने का झांसा दिया। इस बात का झूठा प्रचार करते हुए संबंधित कागजात इकट्‌ठे किए। ये कागजात जीशान को दिए।

जीशान ने इन कागजातों को एजेंट मो. तनवीर अख्तर को दिया और लोगोंे के नाम पर फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर दोपहिया वाहन खरीद लिए। अभी तक पुलिस ने 24 दोपहिया वाहन इनसे जब्त किए हैं। इन वाहनों की कीमत 14 लाख 40 हजार बताई गई है। लोगों को भ्रमित कर जालसाजी करने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। अभी वाहनों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। मो. तनवीर ने खुद के फायदे के लिए तीनों की मदद की। कागजात देने के नाम पर झांसा देते रहे।
 

कमेंट करें
am3js
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।