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गुड न्यूज : मनपा के 11 हजार 537 कर्मचारियों को तोहफा

गुड न्यूज : मनपा के 11 हजार 537 कर्मचारियों को तोहफा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा कर्मचारी-अधिकारियों को फरवरी-2021 से सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा।  मनपा के प्रमुख लेखा व वित्त अधिकारी विजय कोल्हे ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जनवरी-2021 से आदेश लागू हो गया है। जनवरी का वेतन फरवरी में सातवें वेतनमान अनुसार मिलेगा। इसका लाभ मनपा के 11 हजार 537 कर्मचारियों को होगा। गुरुवार को महापौर दयाशंकर तिवारी ने पदभार संभालने के बाद शुक्रवार को पहला काम यही किया। दोपहर में मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. से मुलाकात कर सातवां वेतन आयोग त्वरित लागू करने बाबत पत्र दिया। इसके बाद देर शाम को वित्त लेखा विभाग ने पत्र जारी कर नववर्ष का कर्मचारियों को तोहफा दिया। बता दें कि पिछले महीने 8 दिसंबर को राज्य सरकार ने मनपा कर्मचारी व अधिकारियों के लिए सातवां वेतन आयोग को मंजूरी प्रदान की थी। मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी. को मनपा अधिकारी-कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संशोधित वेतनश्रेणी 1 जनवरी 2016 से लागू करने और प्रत्यक्ष वेतन 1 नवंबर 2019 से नियमों के अधीन देने की अनुमति दी थी।
 
पिछली सरकार में भेजा गया था प्रस्ताव
वर्ष 2019 में मनपा स्थायी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष प्रदीप पोहाणे ने अपने बजट में कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग लागू करने की घोषणा की थी। इस संबंध में मनपा प्रशासन ने तत्कालीन फडणवीस सरकार को प्रस्ताव भी भेजा था, पर मंजूरी नहीं मिल पाई थी। पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत ने नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से चर्चा कर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। विधायक विकास ठाकरे ने भी विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले से मुंबई में मुलाकात कर इस संबंध में बैठक की। 25 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन आयोग लागू करने की बाबत निर्णय हुआ था। इसके बाद 8 दिसंबर को नगर विकास विभाग ने सुधारित वेतनश्रेणी लागू करने का आदेश जारी किया। शुक्रवार 8 जनवरी को मनपा प्रशासन ने आदेश जारी कर वेतनमान लागू करने का निर्णय िलया।
 
परिपत्रक में ये हैं निर्देश

-सभी नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिश अंतर्गत समकक्ष वेतनश्रेणी अनुसार 1 जनवरी 2016 से वेतनवृद्धि देकर वेतन तय किया जाएगा।
-कर्मचारियों को विकल्प फार्म, वेतन निश्चिति फार्म और वचन-पत्र सहित वित्त विभाग को 20 जनवरी तक पेश करना है।
-जनवरी 2021 का वेतन देय होने के बाद तीन महीने के अंदर वित्त विभाग की टीम वेतन की जांच-पड़ताल करेगी।
-वेतन निश्चित करते समय वह ज्यादा दिखाई देने पर उसकी एकमुश्त वसूली बाद में देय होने वाले वेतन से की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से शपथपत्र भी भरवाया जाएगा।
-सुधारित वेतनश्रेणी अनुसार 1 जनवरी 2016 से लागू करने और प्रत्यक्ष वेतन 1 सितंबर 2019 से देने को मान्यता दी गई है।
-1 जनवरी 2016 से 30 अगस्त 2019 तक कोई बकाया अनुज्ञेय नहीं रहेगा।

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