दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र में फीवर क्लिनिक शुरु करेगी सरकारः उद्धव ठाकरे

April 8th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस को देखते हुए राज्य में अब जगह-जगह पर फीवर क्लीनिक शुरू किया जाएगा। जिन्हें सर्दी, खांसी और बुखार का लक्षण होगा ऐसे लोग दूसरे अस्पताल में जाने की बजाय फीवर क्लीनिक में जाएं। फीवर क्लीनिक किस जगह पर होगी। इसकी जानकारी सरकार की ओर से दी जाएगी। हर विभाग में फीवर क्लीनिक शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। फीवर क्लीनिक में डॉक्टर जांच करेंगे।

बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अस्पतालों को तीन श्रेणियों में विभाजित करने का फैसला किया गया है। इसके तहत कोरोना वायरस के सौम्य लक्षण वालों के लिए एक अस्पताल होगा। कोरोना के तीव्र लक्षण वालों के लिए दूसरा अस्पताल होगा और कोरोना के गंभीर लक्षण के साथ अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस अलग अस्पताल होगा। कोरोना वायरस के चलते राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को चार श्रेणी में बांटा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के कारण अमेरिका को भारत से दवाई मांगने की नौबत आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), वेंटिलेटर और एन 95 मास्क जैसे चिकित्सा उपकरण की जरूरत विश्वभर में है। लेकिन राज्य में कुछ चिकित्सा उपकरणों का निर्माण शुरु हो गया है। 

सीएम ने कहाः बगैर मास्क लगाए न निकलें
प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मास्क का इस्तेमाल करना शुरू कर दीजिए। अगर आप जीवनावश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं तो मास्क का इस्तेमाल करिए। मुझे लगता है कि कोरोना वायरस के संकट से बाहर निकलने के बाद भी अपनी सुरक्षा के लिए हमें अगले कुछ समय तक मास्क का उपयोग करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क दुकानों से खरीदने की जरूरत नहीं है। हम अपने घर पर साफ कपड़े का मास्क बना सकते हैं। घर पर बनाए गए मास्क को धोने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन यह ख्याल रखना चाहिए कि सभी लोग अपने-अपने मास्क का इस्तेमाल करें। घर में अपना मास्क एक-दूसरे को उपयोग के लिए न दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार इस्तेमाल किए जाना वाले मास्क के इस्तेमाल के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर जला देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के मरीज इसलिए भी बढ़ रहे हैं क्योंकि सरकार की ओर से ज्यादा जांच की जा रही है। मुंबई की स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। लेकिन मुंबई में भी अधिक से अधिक जांच की जा रही है। 

स्वास्थ्य सेवाओं के अनुभवी आगे आएं
मुख्यमंत्री ने सेना के मेडिकल कोर (स्वास्थ्य विभाग) में काम कर चुके सेवानिवृत्त सैनिक, नर्स, अस्पतालों के सेनानिवृत्त बॉय, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से आगे आकर सेवा देने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग आगे आएं। राज्य को आप लोगों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए इच्छुक लोग सरकार की ई-मेल आईडी Covidyoddha@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

सरकार की योजना चावल वितरित करने की
राज्य में राशन दुकानों पर अनाज वितरण को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राशन दुकानों पर केवल पांच किलो चावल मुफ्त में बांटने के आदेश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की योजना केवल खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के लिए है। प्रदेश सरकार की तरफ से केसरी राशन कार्ड धारकों को सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास राशनकार्ड नहीं हैं उनके लिए सरकार ने शिव भोजन थाली योजना शुरू की है। प्रति दिन 1 लाख शिव भोजन थाली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो थाली की संख्या और बढ़ाई जाएगी। 

बीमारी से ग्रसित खाने पर रखें बंधन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं किसी के खाने पर पाबंदी नहीं लाना चाहता लेकिन जो लोगमधुमेह, दिल की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से ग्रसित हैं ऐसे लोगों को संभलकर खाना चाहिए। इन बीमारियों से ग्रसित लोग कोरोना केखतरे के उच्च श्रेणी में आते हैं। 

घर में करें व्यायाम 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके लिए संभव हो वे घर में व्यायाम करना शुरू करें। जिनको योगासन करना है वह लोग योगासन करें। क्योंकि कोरोना वायरस का युद्ध हम जीतेंगे लेकिन इसके बाद अर्थव्यवस्था का युद्ध होगा। अर्थव्यवस्था के युद्ध के लिए सभी लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा। 

असुविधा के लिए खेद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण राज्य में लोगों को घर में रहना पड़ रहा है। घर में रहने के कारण लोगों को थोड़ी असुविधा हो रही होगी। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। इसके अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीवी चैनल और न्यूज चैनल कुछ ऐसे कार्यक्रम प्रसारित करें जिससे की घर का वातावरण आनंदमय में रहे। 

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