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J&K: पत्थरबाजी के दौरान सुरक्षाबलों पर फेंके जा रहे ग्रेनेड

June 23rd, 2018 18:58 IST

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों के लिए पत्थरबाजी एक नई समस्या बनती जा रही है। हालांकि पत्थरबाजों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां नई-नई रणनीतियां अपनाती हैं, लेकिन पत्थरबाज़ इन रणनीतियों का भी तोड़ निकाल लेते हैं। अब पत्थरबाजों ने पत्थर की आड़ में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला करना शुरू कर दिया है।


त्राल में ग्रेनेड हमला, 10 जवान घायल

पत्थरबाज़ी की आड़ में ग्रेनेड अटैक सुरक्षाबलों के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसी घटना हाल ही में जम्मू कश्मीर में सामने आई है। शुक्रवार को कश्मीर के त्राल में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला किया। जिसमें सीआरपीएफ के दस जवान घायल हो गए।

पत्थरों के बीच हुआ ग्रेनेड ब्लास्ट


त्राल में शुक्रवार की शाम करीब चार बजे लॉ एंड आर्डर ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों पर भीड़ ने अचानक पत्थर मारना शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों ने भी नियमों के मुताबिक पत्थरबाजी के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन पत्थरबाजी के दौरान ही सुरक्षाबलों के पास पत्थर की तरह कोई चीज गिरी और जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट में सीआरपीएफ के 10 जवान घायल हो गए। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।  हालांकि जब इस पूरी घटना की जांच हुई तो पता चला की पत्थरबाजी के दौरान ग्रेनेड फेंका गया था, जिसे भीड़ में से ही किसी व्यक्ति ने फेंका था। जांच के मुताबिक ग्रेनेड हाई इंटेंसिटी का था। पत्थरों की आड़ में ग्रेनेड किसने फेंका इसका पता नहीं चल पाया है।

भीड़ में आतंकियों के छुपे होने की आशंका


ये आशंका भी जताई जा रही है कि आतंकी भीड़ को अपना सहारा बना रहे हैं। पत्थरबाजी के दौरान आतंकी भीड़ में ही छुपे थे और मौका देखते ही उन्होंने सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर ग्रेनेड से हमला कर दिया। कुछ दिन पहले इसी इलाके में सुरक्षाबलों ने जैश के 3 आतंकियों को ढेर किया था। इसलिए ये माना जा रहा है की आतंकी बदला लेने की मंशा से भीड़ में छुपकर सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमला किया। फिलहाल आतंकियों की इस नई रणनीति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है। इसके साथ ही पत्थरबाजी और इस दौरान आतंकियों के हमले से बचने के सावधानी बरती जा रही है।

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।