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हरियाणा: यौन शोषण के आरोपों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दी सफाई, महिला आयोग ने भेजा समन

June 11th, 2018 15:47 IST
हरियाणा: यौन शोषण के आरोपों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दी सफाई, महिला आयोग ने भेजा समन

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा की एक महिला IAS अधिकारी द्वारा अपने सीनियर अफसर पर यौन शोषण के आरोप लगाने के मामले में राज्य महिला आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने इस सम्बंध में दो अधिकारियों को समन जारी कर महिला आयोग कार्यालय में बुलाया है। गौरतलब है कि पशुपालन विभाग की महिला आईएएस अधिकारी ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनिल गुलाटी पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। महिला IAS अधिकारी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी आपबीती बताई थी। इस मामले में सुनिल गुलाटी की ओर से भी स्पष्टीकरण आ गया है। गुलाटी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वे इस मामले में हर जांच के लिए तैयार हैं।

इससे पहले महिला अधिकारी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव पर यौन शोषण के आरोपों के साथ-साथ आरोपी अधिकारी के साथियों द्वारा हमला करवाने की आशंका भी जाहिर की थी। महिला अधिकारी ने कहा था कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। महिला अधिकारी के अनुसार, वह अब तक राष्ट्रपति कार्यालय और भारत सरकार को 53 शिकायती मेल कर चुकी हैं। हालांकि अब तक आरोपी अफसर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। महिला आईएएस ने रविवार को एक के बाद एक फेसबुक पर सात पोस्ट लिखकर अपने यौन शोषण का मुद्दा उठाया है। फेसबुक पोस्ट में उन्होंने विभागीय दस्तावेज भी शेयर किए हैं। 

एसीआर खराब करने दी धमकी

महिला अधिकारी का कहना है कि उनके एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शाम 5 बजे अपने कमरे में बुलाया और फिर रात 8 बजे तक वहीं बैठाए रखा। इसके बाद 22 मई को भी उन्होंने महिला अधिकारी को अपने केबिन में बुलाकर कहा कि वह किसी भी फाइल की नोटिंग पर टिप्पणी ना किया करें। इसके बाद 31 मई को एक बार फिर अधिकारी ने महिला आईएएस को अपने केबिन में बुलाकर कहा कि अगर वह फाइलों पर टिप्पणी करना बंद नहीं करेंगी तो उनकी एसीआर खराब भी की जा सकती है।

बहाने से बुलाते थे ऑफिस

महिला आईएएस के मुताबिक, 10 मई को उन्होंने रेवाड़ी के कोसली तहसील में SDJM की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपना बयान और DVD सहित अन्य दस्तावेज जमा कर दिए थे। उन्होंने सुनील के गुलाटी नाम के जिस अफसर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है, वह इसी विभाग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी हैं। सुनील गुलाटी उनको बेवजह तंग करते हैं, कई बहानों से वह उन्हें बुलाकार घंटों ऑफिस में बिठाए रखते हैं। महिला अधिकारी ने गुलाटी पर बेवजह दबाव बनाने और अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप भी लगाया है। 

आरोपी अफसर ने उनको उल्टा टांगने और उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट खराब करने की धमकी भी देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी अफसर के साथी उन पर रात में हमला कर सकते हैं। वहीं सुनील के गुलाटी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह काम नहीं करना चाहतीं, इसलिए उन पर झूठे आरोप लगा रही हैं। महिला अधिकारी ने बताया कि उन्हें नियुक्ति होने के बाद से ही परेशान किया जा रहा है। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला आईएएस ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद और आधारहीन हैं। महिला आईएएस को मानसिक तौर पर कोई परेशानी है तो वह अपना इलाज करवाएं। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।