दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सामना करने की कर रहे तैयारी

May 5th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि हम कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी पिछले महीने से कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई जिलों में कोविड-19 मामलों में गिरावट देखी जा रही है, जबकि कुछ जिलों में वृद्धि देखी जा रही है। हम इस पर नजर बनाए हुए हैं।

सीएम ठाकरे ने महामारी की दूसरी लहर के बीच महाराष्ट्र में कोविड-19 रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के बारे में भी बताया। सीएम ने कहा कि हमें रोज़ 1700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की ज़रूरत है, इसलिए केंद्र से मांग है कि 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन सप्लाई और बढ़ाए। उन्होंने कहा कि राज्य में घर पर कैसे इलाज किया जा सकता है, अस्पताल में कैसे लाना है, कौन सी दवाई देना चाहिए, यह सभी को डॉक्टर्स ज़ूम कॉल के ज़रिए बता रहे हैं।

सीएम ठाकरे ने कहा कि 25 अप्रैल तक राज्य में करीब 7 लाख एक्टिव मामले थे, अब 6 लाख 41 हज़ार 600 मामले हैं। फिलहाल साढ़े 4 लाख आइसोलेशन बेड हैं, 12 हज़ार वेंटिलेटर हैं। इस बीच महाराष्ट्र में बुधवार को 57,640 नए कोरोना केस सामने आए और 920 लोगों की मौत हो गई। राज्य में अब कोरोना के 48,80,542 केस हो गए हैं। एक्टिव केस की संख्या 6,41,596 पहुंच गई है। जबकि कुल 41,64,098 लोग रिकवर भी हुए हैं। कुल 72,662 मौतें हो चुकी हैं।

बता दें कि इससे पहले दिन में केन्द्र के शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार विजय राघवन ने देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की चेतावनी दी था। राघवन ने कहा था, संक्रमण के काफी मामले आ रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर जरूर आएगी। इसे टाला नहीं जा सकता है। हालांकि अभी ये कहना मुश्किल है कि ये कब आएगी और कैसे प्रभावित करेगी। लेकिन इसके लिए हमें तैयार रहना होगा। 

राघवन ने कहा कि प्रीवियस इंफेक्शन और वैक्सीन से वायरस बचने के लिए खुद में नए बदलाव लाने की कोशिश करेगा। इसके लिए हमे पहले से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन मौजूदा वेरिएंट के खिलाफ कामयाब है। हालांकि वायसर में लगातार आ रहे बदलाव का मुकाबला करने के लिए वैक्सीन को अपडेट करने की आवश्यकता पड़ेगी।

भारत सहित दुनियाभर के वैज्ञानिक अलग-अलग किस्‍म के वैरिएंट का मुकाबला करने की तैयारी कर रहे हैं। विजय राघवन ने ये भी कहा की वायरस के वेरिएंट ओरिजनल स्ट्रेन की तरह ही ट्रांसमिट होते हैं। इसमें नए प्रकार के ट्रांसमिशन की प्रॉपर्टी नहीं होती है।

खबरें और भी हैं...