कोर्ट ने नहीं दी आरोपी को जमानत: दोस्ताना रिश्ते होने पर कम नहीं हो जाता दुष्कर्म का अपराध

September 25th, 2021

डिजिटल डेस्क,मुंबई। आरोपी व नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के बीच दोस्ताना रिश्ते थे। सिर्फ इसलिए आरोपी को पीड़िता के साथ संबंध बनाने की अनुमति नहीं मिल जाती है। यह बात कहते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। 

न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई ने मामले से जुड़े तथ्यों पर गौर करने के बाद पाया कि आरोपी ने जब पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था तो उसकी उम्र 13 साल 5 महीने थी। पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि आरोपी ने उसे धमकाकर उसके साथ उसकी इच्छा के बगैर संबंध बनाए थे। हालांकि आरोपी के वकील ने न्यायमूर्ति के सामने सुनवाई के दौरान दावा किया था कि आरोपी व पीड़िता एक दूसरे के परिचित थे। दोनों की आपस में दोस्ती थी। मामले से जुड़ा आरोपी युवा है। वह गिरफ्तारी के समय 2 अगस्त 2020 से जेल में है। इसलिए उसे जमानत प्रदान की जाए। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने आरोपी की जमानत का विरोध किया। 

न्यायमूर्ति ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने व पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद कहा कि आरोपी व नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के बीच दोस्ताना संबंध थे। सिर्फ इसलिए आरोपी को पीड़िता के साथ संबंध बनाने की अनुमति नहीं मिल जाती है। आरोपी युवा है महज इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती है। प्रथम दृष्टया इस मामले आरोपी के खिलाफ अपराध बनता है। इसलिए आरोपी के जमानत आवेदन को खारिज किया जाता है।