दैनिक भास्कर हिंदी: शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड को हाईकोर्ट की नोटिस, चुनाव के दौरान बच्चों के इस्तेमाल का आरोप 

February 20th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता व राज्य की स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड को नोटिस (समन) जारी किया है। हाईकोर्ट ने यह नोटिस धारावी (मुंबई) निवासी अशीष मोरे की ओर से दायर की गई चुनावी याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि गायकवाड ने विधानसभा चुनाव के दौरान नौ से 13 साल के बच्चों का इस्तेमाल चुनाव संबंधी कार्य व चुनाव प्रचार के लिए किया था। यह चुनाव आयोग व आचार संहिता से जुड़े नियमों के खिलाफ है।

याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने साल 2009, 2013 व साल 2017 में परिपत्र जारी कर चुनावी प्रक्रिया में बच्चों को जोड़ने पर प्रतिबंध लगाया है। हाईकोर्ट ने भी अपने एक पुराने आदेश में स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दल यह आश्वस्त करें की चुनावी गतिविधियों से नाबालिग बच्चे न जुड़े। इससे पहले मोरे ने इस मामले को लेकर पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मोरे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। 

याचिका में मोरे ने दावा किया है कि 28 अक्टूबर 2019 को गायकवाड ने एक रैली की थी। इस रैली में बच्चे भी शामिल थे। जबकि चुनावी आचार संहिता 30 अक्टूबर 2019 तक लागू थी। याचिका में दावा किया गया है कि गायकवाड ने अपनी इस चुनावी रैली के खर्च का ब्यौरा भी चुनाव आयोग के पास नहीं दिया है। जनप्रतिनिधित्व कानून व बाल न्याय कानून के तहत दायर की गई इस याचिका में मांग की गई है कि 28 अक्टूबर 2019 को गायकवाड से जुड़ी रैली का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही याचिका में गायकवाड के विधायक के चुनाव को अमान्य व रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही उन पर अगले 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की भी मांग शामिल है। 

याचिका में उल्लेखित तथ्यों पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति एससी गुप्ते ने मंत्री गायकवाड, राज्य बाल संरक्षण आयोग व राज्य के महिला व बाल विकास विभाग को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

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