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हनी ट्रैप : आरोपी महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड, कल होंगी इंदौर अदालत में पेश

हनी ट्रैप : आरोपी महिलाओं को ट्रांजिट रिमांड, कल होंगी इंदौर अदालत में पेश

डिजिटल डेस्क,भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों हनी ट्रैप का मामला गर्माया हुआ है। जांच में दिन-प्रतिदिन नए खुलासे होते जा रहे हैं। वहीं पुलिस रिमांड पर चल रही तीन आरोपी महिलाओं को सोमवार को भोपाल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है। तीनों महिलाओं को कल (मंगलवार) इंदौर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हनी ट्रैप मामले में गिरफ्तार तीनों महिलाएं, श्वेता जैन(पति विजय जैन), श्वेता जैन(पति स्वप्रिल जैन) और बरखा सोनी को सोमवार मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम ने न्यायिक मजिस्ट्रेट भरत कुमार व्यास की अदालत में पेश किया। जहां से आरोपी महिलाओं को एक दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया। तीनों को कल सुबह साढ़े ग्यारह बजे इंदौर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

नेताओं-अफसर के फोन करवाए टैप

हनीट्रैप मामले में हर दिन नए-नए खुलासे होते जा रहा हैं।अफसरों और नेताओं के फोन को टैप भी किया जा रहा था। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता था। आरोपी श्वेता जैन ने बंगलुरू की एक कंपनी को फोन ट्रैप करने और सर्विलांस का जिम्मा दिया था। फोन टैपिंग के कंपनी पिगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती थी। 

लिपस्टिक और चश्मे में लगाए थे कैमरे

हनी ट्रैप गिरोह के सदस्य लोगों को अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कैमरे लिपस्टिक और चश्मों में छुपाकर रखते थे। इन्हीं वीडियो की मदद से धनी और रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल करते थे। गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर को हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत 6 सदस्यों को भोपाल और इंदौर से 18 व 19 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 

पूर्व मुख्यमंत्री का वीडियो वायरल

हनी ट्रैप के जुड़े कई वीडियो वायरल भी होने लगे है। वहीं मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पूर्व सीएम काफी कम उम्र की लड़की के साथ संबंध बनाते दिख रहे हैं। एसआईटी जांच में अब तक 12 अधिकारियों और 8 पूर्व मंत्रियों के नामों सामने आए हैं। 

कॉलेज छात्राओं को किया मजबूर

हनी ट्रैप गिरोह की मुखिया श्वेता जैन ने एसआईटी जांच में कई बड़े खुलासे किेए हैं। पड़ताल में उसने बताया है कि करीब दो दर्जन कॉलेज छात्राओं का इस्तेमाल गलत कामों में किया गया। मध्यमवर्गीय परिवार की लड़कियों को बड़े अधिकारियों और नेताओं को लुभाने के लिए भेजा जाता था। 


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।