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26 रुपए का पेट्रोल नागपुर आते-आते कैसे हो जाता है तीन गुना महंगा - जानिए

26 रुपए का पेट्रोल नागपुर आते-आते कैसे हो जाता है तीन गुना महंगा - जानिए

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पेट्रोल और डीजल ऐसी चीजें हैं, जिसके दाम लगातार बढ़ते ही रहते हैं। अगर कभी कम होते भी हैं, तो असर मालूम नहीं पड़ता। अक्सर लोग कहते हैं कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमत कम हो रही हैं, तब भी हमारे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं होतीं। आखिर क्या कारण है इसका? और कैसे आप तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोल-डीजल की कीमत 3 गुना बढ़ जाती है? इससे सरकारों को कितना फायदा होता है? आइए समझते हैं... 

आप तक ऐसे पहुंचता है पेट्रोल-डीजल
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा पेट्रोलियम इम्पोर्ट करता है। यानी, दूसरे देश से खरीदता है।
विदेशों से आने वाला कच्चा तेल रिफाइनरी में जाता है, जहां से पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट निकाले जाते हैं।
इसके बाद ये तेल कंपनियों के पास जाता है। जैसे- इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम। यहां से ये अपना मुनाफा बनाती हैं और पेट्रोल पंप तक पहुंचाती हैं।
पेट्रोल पंप पर आने के बाद पेट्रोल पंप का मालिक अपना कमीशन जोड़ता है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लगने वाला टैक्स जोड़कर उस कीमत में आपको दे देता है।

25 रुपए में 1 लीटर पेट्रोल मिलता है सरकार को, हमें 88 से भी ज्यादा में
इस साल 24 नवंबर को नागपुर में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत थी 88.69 रुपए। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के हिसाब से 1 लीटर पेट्रोल की बेस प्राइस 25.37 रुपए थी। इसके बाद इसमें 32.98 रुपए एक्साइज ड्यूटी, पेट्रोल पर नागपुर में 26 प्रतिशत वैट, 10.12 रुपए सेस, उसके बाद 3.16 रुपए पेट्रोल पंप के मालिक ने कमीशन बनाया और ट्रासपोर्टेशन सहित अन्य टैक्स लगकर उसकी कीमत पहुंच गई 88 रुपये 69 पैसे।
1 लीटर डीजल भी 25 रुपए का होता है, आप तक आते-आते 78 से ज्यादा का हो जाता है
पेट्रोल की तरह ही डीजल की बेस प्राइस भी 25 रुपए होती है। 26 नवंबर को नागपुर में 1 लीटर डीजल की बेस प्राइस 24.42 रुपए थी। इस पर 0.33 रुपए का किराया लग गया। इसके बाद 31.83 रुपए एक्साइज ड्यूटी, 24 प्रतिशत वैट 3 रुपए सेस और 2.12 रुपए पेट्रोल पंप के मालिक का कमीशन लग गया। इसके बाद 1 लीटर डीजल की कीमत हो गई 78 रुपए 24 पैसे।

1 लीटर डीजल खरीदते समय आप कितना टैक्स चुकाते हैं?
26.22 रुपए बेस प्राइस
31.83 रुपए एक्साइज ड्यूटी
14.28 रुपए (24 प्रतिशत) वैट
3 रुपए सेस
35 पैसे परिवहन खर्च
2.12 रुपए डीलर कमिशन
40 पैसे लीटर - पंप मेंटेनेंस चार्ज (एलएफआर)
कुल कीमत - 78.24 पैसे
1 लीटर पेट्रोल खरीदते समय आप कितना टैक्स चुकाते हैं?
26.15 रुपए बेस प्राइस
32.98 रुपए एक्साइज ड्यूटी
15.43 रुपए (26 प्रतिशत) वैट
10.12 रुपए सेस
35 पैसे परिवहन खर्च
3.16 रुपए डीलर कमिशन
50 पैसे लीटर - पंप मेंटेनेंस चार्ज
कुल कीमत - 88.69

अब जानते हैं आपके पैसे से कैसे कमाती हैं सरकार?
{केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमत पर एक्साइज ड्यूटी लगाती है। इसी साल मई में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया था। इस समय एक लीटर पेट्रोल पर 32.98 रुपए और डीजल पर 31.83 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है।

जब मई 2014 में मोदी सरकार आई थी, तब एक लीटर पेट्रोल पर 9.48 रुपए और डीजल पर 3.56 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगती थी। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं होतीं। मई 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से अब तक 16 बार एक्साइज ड्यूटी घट-बढ़ चुकी है। हालांकि, घटी सिर्फ 3 बार ही।

ऐसा इसलिए भी, क्योंकि सरकार को इससे अच्छी-खासी कमाई भी होती है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल यानी पीपीएसी के मुताबिक, इसी साल पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और अलग-अलग टैक्स के जरिए 49,914 करोड़ रुपए कमाई की है। ये कमाई और ज्यादा होती, अगर कोरोना नहीं आया होता और लॉकडाउन न लगा होता।

नागपुर में 1 प्रतिशत ज्यादा लगता है वैट
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: 25 और 21 प्रतिशत वैट वसूला जाता है। नागपुर की जनता से राज्य में पेट्रोल पर 1 प्रतिशत अधिक और डीजल पर 3 प्रतिशत अधिक वैट वसूला जाता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।