दैनिक भास्कर हिंदी: विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी, सरकार ने दिए शख्त आदेश

March 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर । युवक युवतियों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज के जरिए मानव तस्करी करने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। विधान परिषद में राज्य के गृहराज्यमंत्री रणजीत पाटील ने घोषणा की है कि नागपुर के 57 युवक और युवतियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट तैयार कर इंग्लैंड में नौकरी दिलाने की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाएगी।सदन में भाजपा सदस्य गिरीश व्यास ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया था। 

नागपुर में चल रहा है मानव तस्करी का गिरोह
व्यास ने कहा कि नागपुर में मानव तस्करी का गिरोह चल रहा है। नागपुर के पासपोर्ट कार्यालय के आसपास जेरॉक्स मशीन की दुकानों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर 2 से 5 लाख रुपए लेकर लोगों को विदेश भेजा जाता है। फिर ये लोग लौट कर नहीं आते। इसके जवाब में पाटील ने कहा कि नई दिल्ली के ब्रिटिश हाईकमिशन को मिली जानकारी के आधार पर यह मामला उजागर हुआ है।  पाटील ने कहा कि विदेश जाने के लिए जरूरी पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन मिलने के बाद पुलिस की तरफ से संबंधित आवेदक के घर जाकर दस्तावेज के सत्यापन में पुलिस ने लापरवाही बरती है। यह मामला नागपुर के 7 से 8 पुलिस स्टेशनों से जुड़ा हुआ है। इससे संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

दस्तावेज का सत्यापन सही तरीके से नहीं हुआ
गृह राज्य मंत्री पाटील ने कहा कि यदि कागजातों का सत्यापन सही तरीके से हुआ होता, तो यह घटना ही नहीं हुई होती। पाटील ने कहा कि नागपुर शहर के पांचपावली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। नागपुर पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 आरोपियों की खोज जारी है। मंत्री पाटील ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 12 में से 3 आरोपियों ने अन्य आरोपियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। पाटील ने कहा कि विदेश गए युवाओं में से 9 नागपुर लौट आए हैं, जबकि 27 लोग इंग्लैंड में ही नौकरी कर रहे हैं। बाकी के युवा अन्य देशों में गए हैं।