दैनिक भास्कर हिंदी: कोराडी में होगा हाइब्रिड एयरोबोट का निर्माण, रूसी कंपनी के सहयोग से होगा तैयार

November 3rd, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जल, जमीन व हवा में चलने वाली नाव अर्थात हाइब्रिड एयरोबोट का निर्माण प्रकल्प कोराडी में होगा। 3 से 4 माह में यह प्रोजेक्ट तैयार कर लिया जाएगा। रूस की कंपनी के सहयोग से बनने वाले इस प्रकल्प का लाभ विदर्भ में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए होगा। भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी। रामनगर स्थित उनके जनसंपर्क कार्यालय में चर्चा के दौरान रूस की कंपनी के प्रतिनिधियों के अलावा राज्य के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक सुधाकर कोहले, सुधाकर देशमुख, महापौर नंदा जिचकार, स्थाई समिति के अध्यक्ष विक्की कुकरेजा, मनपा के सत्तापक्ष नेता दयाशंकर तिवारी, संदीप जोशी उपस्थित थे। रूस की कंपनी के प्रतिनिधियों ने हाइब्रिड एयरोबोट को लेकर प्रस्तुतिकरण भी किया। हाइब्रिड एयरोबोट देश भर के प्रमुख जलमार्गों पर चलाई जाएगी। रूस की स्कोल्कोव्हो एयरोस्पेस क्लस्टर के मुख्य समन्वयक सुक्रित शरण के अनुसार एयरोबोट से जल परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा।

दलदल में भी चल सकेगी

देश में जलमार्ग पर परिवहन में कई अड़चनें आती हैं। दलदल युक्त क्षेत्र व बर्फीले क्षेत्र में अधिक परेशानी होती है। एयरोबोट इन क्षेत्रों में भी आसानी से चलेगी। रूस में निर्मित हाइब्रिड एयरोबोट की विशेषता होती है कि वह दलदल में भी चलती है। भारत में एयरोबोट 10 सेमी पानी युक्त कीचड़ क्षेत्र में भी चल सकती है। खास बात यह है कि एयरोबोट पेट्रोल, बिजली के अलावा मिथेनाल के इस्तेमाल से भी चल सकती है। सामान्य बोट की तुलना में इसकी तीन गुणा अधिक गति रहेगी। 85 किमी प्रति घंटे की गति से  चलेगी। इस बोट में 11 से 60 यात्री सफर कर सकते हैं। 

500 एकड़ जमीन का करार

श्री गडकरी ने बताया कि एयरोबोट प्रकल्प के लिए ऊर्जामंत्री बावनकुले ने कोराडी तालाब परिसर में जमीन दिलाने की तैयारी जतायी है। रूस की कंपनी से 500 एकड़ जमीन का अनुबंध हुआ है। रूस की कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने कोराडी तालाब परिसर का जायजा  भी लिया है। कोराडी में एयरोबोट प्रकल्प के साथ ही बोट के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

कुंभ में सेवा

स्कोल्कोव्हो एयरोस्पेस क्लस्टर के मुख्य समन्वयक सुक्रित शरण ने बताया कि आगरा में यमुना नदी व इलाहाबाद में कुंभ मेले के दौरान हाइब्रिड एयरोबोट की सेवाएं दी जाएंगी। इस संदर्भ में प्रस्तुतिकरण होगा। हाइब्रिड एयरोबाेट में अत्याधुनिक एविएशन तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है। लिहाजा यह बोट पानी से एक से दो मीटर ऊंचाई पर उड़ सकती है। इससे सिविल एविएशन विभाग के नियमों का भी उल्लंघन नहीं होता है। बोट के स्पेयर पार्टस आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।
 

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